डिप्टी सीएम बनने के बाद अब एनसीपी की अध्यक्ष बनेंगी सुनेत्रा…विलय के बाद बढ़ेगी ताकत

Deputy CM Sunetra President of NCP

डिप्टी सीएम बनने के बाद अब एनसीपी की अध्यक्ष बनेंगी सुनेत्रा…विलय के बाद बढ़ेगी ताकत

पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भीतर नेतृत्व और संभावित विलय को लेकर हलचल तेज हो गई है। अजित पवार के निधन के बाद परिवार और पार्टी को संभालने की कमान संभाल चुके शरद पवार के कदमों के बीच हाल ही में पवार परिवार के सदस्यों ने अजित पवार की पत्नी और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति जताई।

एनसीपी में नेतृत्व को लेकर हलचल

उन्हें एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने का समर्थन किया।हालांकि, एनसीपी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ विलय को लेकर अभी भी हिचक दिखाई है। इस पर पवार परिवार ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर पार्टी की ओर से सुनेत्रा पवार ही आधिकारिक रूप से अपनी बात रखेंगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर सहमति

बारामती में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एनसीपी (एसपी) के प्रदेश महासचिव और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा, “पवार परिवार की ओर से हमारी भी यही इच्छा है कि उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद सुनेत्रा काकी एनसीपी की अगली राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें।” विलय के सवाल पर उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर इस विषय पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

रोहित पवार का बयान,,,वरिष्ठ नेताओं के अलग सुर

रोहित पवार ने आगे कहा, “शोक की अवधि पूरी होने के बाद इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा, क्योंकि पार्टी के सभी सदस्यों की राय जानना जरूरी है। सुनेत्रा काकी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है और एनसीपी के सभी विधायक उनके समर्थन में हैं। ऐसे में 9 फरवरी के बाद वह विलय को लेकर अपनी बात रखेंगी। इसके बाद हम इस विषय पर आगे चर्चा करेंगे।”

शोक अवधि के बाद होगा फैसला..परिवार में एकजुटता के संकेत
इधर, पवार परिवार के भीतर एक बार फिर एकजुटता की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन शरद पवार बारामती स्थित सुनेत्रा पवार और उनके बेटों के आवास पर पहुंचे। माना जा रहा है कि यह कदम परिवार के भीतर तनाव कम करने और संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम है। वहीं, एनसीपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं—जिनमें पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे शामिल हैं—ने शरद पवार के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी के विलय की पहल उनके भतीजे की ओर से की गई थी। इन बयानों से साफ है कि एनसीपी के भविष्य और नेतृत्व को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।

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