Monday, October 26, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home संपादक की पसंद

आखिर कौन समझेगा किसानों का दर्द

आखिर कौन समझेगा किसानों का दर्द

DigitalDesk by DigitalDesk
September 29, 2022
in संपादक की पसंद
0
आखिर कौन समझेगा किसानों का दर्द
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

अन्नदाता, अन्नदाता का ओहदा आज भी हिंदुधर्म में सबसे बड़ा माना जाता है. शास्त्रों में भी लिखा है कि अनाज पैदा करने वाला किसान सबसे बड़ा अन्नदाता होता है. क्यों वही एक है जो गर्मी, ठंड़ या बारिश हो लेकिन किसान अपना कर्तव्य करना नहीं भूलता. कहा जाता है कि आज से कई वर्षो पहले किसानों को देश का सम्मानीय और सर्वोच्य नागरिक माना जाता था, खेती पकने के बाद पहला दाना किसान को ही अर्पण किया जाता था. लेकिन देश का दुर्भाग्य है की आज वही अन्नदाता अपने हक के लिए सड़कों पर सोने को मजबूर है. अपनी मांग के लिए किसान बीते कई महीनों से सरकार के खिलाफ खिलाफ आंदोलन कर रहा है.

यह वही किसान है जब चुनाव आते है तो, राजनैतिक दल किसानों को उनका हितैषी बताते है. वही किसान यह सोचकर उसे वोट दे देता है कि ये कुछ करेगा. लेकिन जैसे ही चुनाव में जीत मिलती है तो किसानों को पैरे तले कुचल दिया जाता है. आज भी यही हालात है. जब देश में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार बनाने जा रही थी, उस दौरान बीजेपी ने एक नारा दिया था. सबका साथ सबका विकास जिसमें देश का किसान भी शामिल था. पर आज किसान का विकास तो नहीं हुआ, लेकिन हां किसान अपने हक के लिए सड़कों पर आने को मजबूर हो गया.

Related posts

Gita has changed the way it read as A fresher avatar for Gen Z

गीता बदली नहीं… पढ़ने का तरीका बदला! Gen Z-अल्फा के लिए AI युग में नया कलेवर

September 10, 2026
Agriculture Cabinet in Nagalwadi

नागलवाड़ी में होगी पहली कृषि केबिनेट…जानें कब लगती है नागलवाड़ी में नागों की अदालत..जानें नागलवाड़ी का इतिहास

March 2, 2026

देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर बीते करीब 8 महीनों से किसान अपनी मांगों को लेकर डेरा डाले हुए है. किसान लगातार शांतिपूर्ण ढंग से सरकार के सामने अपनी बात रख रहे है, लेकिन सरकार की कान में बीते 8 महीनों से जूं तक नही रैंगी. दुख की बात तो यह है कि किसानों को सरकार से अपनी मांगों के लिए ऐसे लड़ना पड़ रहा है जैसे सीमा पर जवान लड़ता है. क्योंकि किसान आंदोलन के दौरान कई दर्जनों किसान शहीद हो चुके है. विगत कई दिनो से हज़ारो की संख्या में देश की रीढ की हड्डी किसान अपनी मांगों के लिए सरकार की यातनाएं झेल रहे हैं. साल भर आने को है लेकिन सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं निकाल पाई.

किसानों के आंदोलन को कई लोग राजनीतिक रुप से देख रहे हैं, लेकिन मेरी नजर में यह आंदोलन देश का सबसे बड़ा दूसरा आंदोलन है. पहला आंदोलन देश को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए गांधी जी ने चलाया था तो आज के राकैश टिकैत जैसे गांधीवादी सरकार की हिटलरशाही से बचानें के लिए किसानों के पक्ष में आंदोलन चला रहे है. किसानों की मांग भी क्या है, किसानों की सबसे बड़ी मांग है केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन किसान बिलों को वापस करे. लेकिन देश की सरकार के दिमाग में क्या चल रहा है, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हज़ारों किसान बेवकूफ हैं. जो गर्मी, सर्दी और बरसात में खुद को प्रताड़ित कर रहे हैं.

अरे किसानों के दर्द को समझिए, किसान देश की एक बड़ी अर्थव्यवस्था है. जिसपर सरकार की नजर है. सरकार चाहती है कि इसका भी निजीकरण कर दिया जाए. किसानों के खिलाफ सरकार की यह बड़ी साजिश नजर आती है. सरकार का कहना है कि तीन कृषि कानूना से किसानों में मजबूती मिलेगी. लेकिन हमे समझ में नही आता कि जब सरकार यह कार्य खुद नही कर पा रही फिर किसी निजीकरण के हाथो में सौप कर क्या किसानों की समस्याएं सुलझ जाएंगी.

LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version