मध्यप्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। मई का महीना अभी आधा ही गुजरा है, लेकिन प्रदेश के कई शहरों में तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के 23 इलाकों में लू का असर देखा गया, जबकि कई शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों पर देखने को मिल रहा है।
नौगांव और राजगढ़ बने सबसे गर्म इलाके
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी मध्यप्रदेश में राजगढ़ सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम में तापमान 44.8 डिग्री और खंडवा में 44.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में छतरपुर जिले का नौगांव और खजुराहो सबसे गर्म रहे, जहां पारा 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। नरसिंहपुर में 43.6 डिग्री, दमोह में 43.4 और जबलपुर में 42.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजधानी Bhopal भी गर्मी से बेहाल रही। यहां अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 1.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं Indore में पारा 42.8 डिग्री तक पहुंच गया।
गर्म हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
प्रदेश के कई शहरों में सुबह से ही तेज धूप निकल आई थी। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने हालात और मुश्किल बना दिए। ग्वालियर, रतलाम, इंदौर और राजगढ़ जैसे शहरों में लू का असर सबसे अधिक देखने को मिला। सड़क पर निकलने वाले लोगों को तेज धूप और तपती हवाओं का सामना करना पड़ा। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ कम दिखाई दी। कई इलाकों में लोग सिर ढंककर और चेहरे पर कपड़ा बांधकर बाहर निकलते नजर आए।डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
सामान्य से ज्यादा दर्ज हो रहा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया है। इसका मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वातावरण में नमी बेहद कम है, जिससे सूरज की गर्मी सीधे धरती को प्रभावित कर रही है। यही वजह है कि सुबह से ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है और शाम तक गर्मी बनी रहती है।
कहीं राहत नहीं, बारिश भी बेहद कम
भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हुई। हालांकि रीवा में 2.2 मिलीमीटर और सतना में 1.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, लेकिन इससे तापमान में कोई खास राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में किसी बड़े सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं। इसी कारण अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू का असर जारी रहने की संभावना है।
अगले तीन दिन और मुश्किल भरे
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले तीन दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ सकता है। यानी कई शहरों में पारा 45 डिग्री के पार भी जा सकता है। विशेष रूप से बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में लू का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। स्कूलों में भी बच्चों को धूप से बचाव के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, हल्के कपड़े पहनें और लगातार पानी पीते रहें।
मई में ही जून जैसी गर्मी
इस बार मई महीने में ही जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ तो गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है। प्रदेश में लगातार बढ़ता तापमान अब लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों पर असर डालने लगा है। ऐसे में आने वाले दिन मध्यप्रदेशवासियों के लिए और ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।





