बिहार विधानसभा चुनाव…चिट्ठी आई सियासत गरमाई….जानें क्यों हो रही चिट्टी पर चकल्लस…क्या लालू देंगे ओवैसी को एंट्री? ..चिराग का तंज चिट्ठी लिखी या लिखवाई गई 

बिहार विधानसभा चुनाव…जानें क्यों हो रही चिट्टी पर चकल्लस…क्या लालू देंगे ओवैसी को एंट्री? ..चिराग का तंज चिट्ठी लिखी या लिखवाई गई

बिहार में विधानसभा के चुनाव से पहले सियासत में एक बड़ा ट्विस्ट आया है। असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने महागठबंधन में आरजेडी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने की इच्छा जताई है। बिहार AIMIM अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इस संबंध में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखा है। साथ ही तेजस्वी यादव से भी संपर्क किया है। हालांकि आरजेडी की ओर से अब तक कोई भी जवाब नहीं आया है।

AIMIM की डिमांड से विपक्षी गठबंधन में खलबली

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। विधानसभा के चुनाव के माहौल में असदुद्दीन ओवैसी और उनके दल AIMIM सुर्खियों में है। ओवैसी की राजनीतिक पार्टी की ओर से विधानसभा के चुनाव से ठीक पहले एक बेहद चौंकाने वाला दांव चल दिया है। खुद को INDIA ब्लॉक में शामिल करने को लेकर पेशकश की है। AIMIM के इस सियासी दांव से विपक्षी दलों में भी खासी खलबली मच गई है।

महागठबंधन में पहले से ही हैं 6 भागीदार

दरअसल महागठबंधन में पहले से ही 6 भागीदार दल हैं। यह लोकसभा चुनाव 2024 के समय बिहार में एक साथ मैदान में उतरे थे। इनमें राष्ट्रीय जनता दल आरजेडी, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी लिबरेशन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी और भारतीय राष्ट्रीय लीग के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का नाम शामिल किया जाता है। हालांकि बाद में मुकेश साहनी की VIP पार्टी भी महागठबंधन का हिस्सा बनी थी। तब आरजेडी की ओर से अपने कोटे से तीन सीट उसे दी थीं।

अब बिहार में राज्य विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सीट शेयरिंग पर मंथन का दौर चल रहा है। इंडिया अलांयस के वरिष्ठ नेताओं के बीच इसे लेकर करीब चार दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं। अब एक बार फिर मंथन होने की उम्मीद है। इस सबके बीच हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी के साथ अब ओवैसी की AIMIM की ओर से भी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनने की मंशा जताई है। बिहार में यह पार्टियां महागठबंधन में सीट शेयरिंग की डिमांड करती नजर आ रही है। जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से बिहार में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

इस बीच ओवैसी को लेकर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें कोई ऑफर नहीं दिया है। ओवैसी से पूछिए, उन्होंने चुनाव को लेकर क्या सोचा है। वहीं आरजेडी नेताओं का कहना है कि ओवैसी का सियासी ट्रैक रिकॉर्ड बीजेपी की B टीम की तरह का है लेकिन अब जबकि ओवैसी ने स्वयं महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है तो इसे लेकर कोई भी अंतिम निर्णय लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के साथ महागठबंधन के अन्य नेता लेंगे।

चिराग पासवान ने इस पर कसा तंज

वहीं केद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के प्रमुख चिराग पासवान ने इस पर तंज कसा है। AIMIM के बिहार अध्यक्ष की ओर से AIMIM को महागठबंधन में शामिल किये जाने के लिए लालू यादव को लेटर लिखे जाने पर कहा है कि पता नहीं चिट्ठी लिखी भी गई है या फिर लिखवाई गई है। जिस मुस्लिम वोट पर आरजेडी और उसके नेता अपना अधिपत्य मानते आ रहे हैं, वे पहले से ही बिखरता नजर आ रहा है। अगर पिछले विधानसभा चुनाव 2023 की बात करें तो उस समय बिखराव नहीं होता तो ओवैसी की पार्टी के विधायक कैसे चुनाव जीतते। जिस MY मुस्लिम-यादव समीकरण की सीढ़ी के सहारे राजद सांप्रदायिकता और जातिवाद को बढ़ावा देते हुए आगे बढ़ रहा था। अब उस समुदाय को यह एहसास हो रहा है कि उनके समुदाय को महज वोट बैंक के तौर पर उपयोग किया गया बनाया जा रहा है। अब आगे वे स्वयं को इस्तेमाल नहीं होने देना चाहते।

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