लखनऊ में ट्रैफिक को मिलेगी बड़ी राहत: मरी माता फ्लाईओवर बनकर तैयार होने की कगार पर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मरी माता मंदिर क्षेत्र में बन रहा फ्लाईओवर अब अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि इसी माह 31 जुलाई तक इस निर्माण कार्य के पूरा होने की उम्मीद है। इस फ्लाईओवर के बनने के बाद एयरपोर्ट से सुल्तानपुर हाईवे तक के ट्रैफिक को तेज और जाम रहित बनाने में बड़ी सहायता मिलेगी।
- शहीद पथ से आगे ट्रैफिक सुगम
- मरी माता मंदिर पर फ्लाईओवर
- श्रद्धालुओं को मिलेगा आराम
- रोड चौड़ीकरण का काम तेज
- 31 जुलाई तक निर्माण पूरा
फ्लाईओवर से वीआईपी मूवमेंट को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री आवास, कालीदास मार्ग, दिलकुशा और गौतम पल्ली जैसे वीआईपी इलाकों से जुड़ने वाले इस मार्ग पर अक्सर वीआईपी मूवमेंट के कारण जाम की स्थिति बनती थी। अब फ्लाईओवर के निर्माण से यह मार्ग सुगम और समय बचाने वाला बन जाएगा।
बॉक्स रखकर हुआ फ्लाईओवर निर्माण
राज्य सेतु निगम के अभियंताओं ने बताया कि यह फ्लाईओवर बॉक्स रखकर बनाया गया है, जिससे निर्माण की गति तेज रही और मंदिर परिसर को नुकसान नहीं पहुंचा। खास बात यह है कि मरी माता मंदिर अपनी जगह यथावत रहेगा, और उसके बगल से गुजरने वाली पुरानी सड़क को भी चालू रखा जाएगा।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को राहत
फ्लाईओवर से न सिर्फ आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में भी आसानी होगी। पहले यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता था, खासकर त्योहारों या विशेष अवसरों पर। अब यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
अर्जुनगंज में चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाया गया
अर्जुनगंज में सड़क पहले काफी संकरी थी और अतिक्रमण के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती थी। लोक निर्माण विभाग ने यहां अतिक्रमण हटाकर सड़क का चौड़ीकरण कर दिया है। 95% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे ट्रैफिक की बहाव पहले से बेहतर हो गया है।
डामर का काम पूरा करने की तैयारी
फ्लाईओवर के नीचे और साइड की सड़कों पर इंटरलॉकिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। हालांकि डामर का काम बारिश के कारण थोड़ा रोका गया है, क्योंकि बरसात में ताजा डामर सड़कें जल्दी खराब हो सकती हैं। अभियंताओं का कहना है कि अंतिम लेयर का कार्य बरसात के बाद या मौसम अनुकूल होने पर पूरा किया जाएगा। मरी माता मंदिर फ्लाईओवर के बन जाने से लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। श्रद्धालुओं, आम यात्रियों और वीआईपी मूवमेंट – सभी को इससे राहत मिलेगी। यह परियोजना राज्य सरकार की स्मार्ट और सुरक्षित यातायात नीति की दिशा में उठाया गया एक प्रभावशाली और ज़मीनी कदम है। …(प्रकाश कुमार पांडेय)