दिल्ली में हुआ किसान आंदोलन पूरी दुनिया में चर्चित रहा। इतना बड़ा प्रदर्शन कि विदेशी मीडिया ने भी कवर किया था। एक बार फिर किसानों ने कुछ इस तरह की घोषणा की है जिससे सरकार की नींद उड़ सकती है। किसान जिस रणनीति पर काम कर रहे हैं वो चौंकाने वाली है। वजह ये है कि दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहीं महिला पहलवानों के समर्थन में किसान खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए अपनी आगामी योजना का भी खुलासा किया है।
. चुनावी राज्यों में किसान करेंगे बड़ा आंदोलन
. महिला पहलवानों के समर्थन में उतरा संयुक्त किसान मोर्चा
. भाजपा सांसद की गिरफ्तारी की मांग
. मीडिया पर लगाया पक्षपात का आरोप
. नवंबर से शुरु होगा किसान आंदोलन
भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग पर डटे पहलवानों के समर्थन में पहुंचे किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि हम किसी भी बेटी के मान सम्मान के लिए के लिए हमेशा साथ खड़े हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बृजभूषण की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि इस आंदोलन को अंजाम तक पहुंचा कर रहेगें। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक दर्शनपाल सिंह का कहना है कि बेटियों की गरिमा और इज्जत बचाने के लिए बृजभूषण सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
मीडिया से खफा हुए किसान
जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को लेकर मीडिया के रुख पर किसानों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए यहां तक कह दिया कि मीडिया प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा सांसद और यौन शोषण का आरोपी बृजभूषण सिंह का समर्थन कर रही है। इस मौके पर मौजूद पहलवानों ने कहा कि बृजभूषण जैसे आरोपी को मीडिया में बिलकुल जगह नहीं मिलनी चाहिए। पहलवान बजरंग पूनिया ने दावा करते हुए कहा कि यहां बैठे एक भी पहलवान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड हो तो बताएं। जबकि मीडिया को बृजभूषण सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड पर भी नजर डालना चाहिए। बता दें कि देश के शीर्षस्थ न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी बृजभूषण पर दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं।
किसानों की रणनीति बढ़ाएगी दिक्कत
संयुक्त किसान मोर्चा ने महिला पहलवानों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा की है। तमाम किसान संगठनों का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसाना मोर्चा ने चुनावी राज्यों में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है। एसकेएम के संयोजक दर्शन सहित कई किसानों ने कहा कि मध्य प्रदेश,तेलंगाना,छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है। इसलिए इन राज्यों को ध्यान में रखते हुए किसानों ने अपनी आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई है। चुनावी राज्यों में आंदोलन करने की हमारी योजना तैयार है। जहां तक मांगों का सवाल है तो एमएसपी की गारंटी,कर्ज माफी,फसल बर्बादी पर बेहतर बीमा योजना और किसानों की पेंशन जैसे मुद्दों के अलावा विद्युत संशोधन बिल को वापस लेना भी हमारी मांग में शामिल रहेंगे।
26 नवंबर को दिल्ली में होगी बड़ी रैली
किसान नेताओं ने आव्हान करते हुए कहा कि उपरोक्त मांगों को लेकर शुरु किए जाने वालें आंदोलन की शुरुआत दिल्ली में 26 नवंबर को बड़ी रैली के साथ करेंगे। दिल्ली में रैली पर उन्होंने कहा कि इसी दिन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चले आंदोलन की बरसी भी मनाई जाएगी। जिसके तहत देश के अलग अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। सरकारी कॉरपोरेट समर्थक नीति की खिलाफत करते हुए किसानों ने कहा कि लखीमपुर खीरी में 4 किसानों के कुचलने वाले मामले पर भी किसान अपनी रणनीति बना रहे हैं और हम लोगों ने आगामी 6 माह की योजना तैयार की है।