राहुल गांधी कीे मोदी सरनेम को लेकर की गई एक टिप्पणी ने उनके राजनीति भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है। इस टिप्पणी को लेकर सूरत की एक अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता भी चली गई। कोर्ट ने फैसले के बाद हालांकि उन्हें 30 दिन की जमानत दी थी, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी वायनाड से सदस्यता रद्द कर दी। कांग्रेस पार्टी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। साथ ही देशव्यापी विरोध प्रदर्शन सत्याग्रह किया जा रहा है। इस सब के बीच अब पूर्व सांसद राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपना बायो भी बदल लिया है। राहुल गांधी ने अपने को कांग्रेस का सदस्य बताया और खुद को Dis’Qualified सांसद घोषित किया है।
बता दें कांग्रेस नेता और पदाधिकारियों के साथ सभी कार्यकर्ता अपनी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। से अयोग्य ठहराए जाने के विरोध में रविवार को सभी राज्यों और जिला मुख्यालयों पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सत्याग्रह कर रहे हैं।
राहुल ने किया माफी मांगने से इनकार
बता दें शनिवार को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान जब राहुल गांधी से सवाल किया गया कि बीजेपी आप पर ओबीसी समाज के लोगों के अपमान का आरोप लगा रही है। इसके जवाब में उन्होंने कहा ये ओबीसी का मामला नहीं है। नरेंद्र मोदीजी और अडाणीजी के रिश्ते से जुड़ा मामला है। राहुल गांधी ने कहा 20 हजार करोड़ रुपए जो अडाणीजी को पता नहीं कहां से मिले। उसके बारे में वे सवाल पूछ रहे हैं। उसका जवाब उन्हें चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी हमेशा ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। कभी ओबीसी की तो कभी विदेश में दिए गये बयान की बात करती है। ये लोग उनकी लोकसभा से सदस्यता रद्द कर उन्हें रोक नहीं सकते। चाहे उन्हें सदस्यता मिले या ना मिले। वे अपना काम करते रहेंगे। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ये उन्हें स्थायी रूप से डिसक्वालिफाई भी कर दें तो चिंता नहीं वे अपना काम करते रहेंगे। राहुल ने कहा संसद के अंदर रहें या बाहर उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।





