नई दिल्ली। गैंगस्टर और आतंकियों-जिहादियों के गठजोड़ की कमर तोड़ने पर काम करते हुए एनआईए की टीम आज यानी मंगलवार 21 फरवरी को देश के अलग-अलग 70 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। आप जब ये खबर पढ़ रहे हैं, तो भी यह छापामारी चल रही है, जिसके आज दोपहर या देर शाम तक चलने की संभावना है।
- पिछले 6 महीने में एनआईए की ये तीसरी बड़ी छापेमारी है
- पिछले 3 महीने में लॉरेंश बिश्नोई गैंग के सदस्यों से पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की जा रही है
- पूछताछ में यह पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग अपने गैंग को ऐसे चलाता था कि जिससे आम जनता के मन में उसका खौफ पैदा हो
- लॉरेंस बिश्नोई समेत कई गैंगस्टरों से एनआईए रिमांड में लेकर पूछताछ कर रही थी, जिसमें मिली जानकारियों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है
- लॉरेंस और उस जैसे गैंगस्टर के हथियार नेटवर्क के भी बारे में जांच एजेंसियों ने पूरा ब्यौरा तैयार किया है
बड़ा और खतरनाक है यह गठजोड़
पंजाब में गैंगस्टरों और आतंकियों का गठजोड़ बेहद खतरनाक है। एक तरफ गैंगस्टरों के उगाही वाले धंधे के पैसों से हथियार खरीदा जाता है और दूसरी तरफ हवाला के जरिए विदेश में बैठे उनके सहयोगियों को यह रकम पहुंचाई जाती है। खुर्जा के पास दो करोड़ के हथियार खरीद का मामला कुछ ऐसा ही है।
- एनआईए ने बाकायदा उन लोगों की पहचान की जिससे लॉरेंस और उसके गैंग ने पैसा उगाही का धंधा शुरू किया था
- आम लोग, व्यापारी, गायक, डॉक्टर, माफिया, हथियार का धंधा करने वाले और ड्रग डीलर्स भी शामिल थे.
- जांच एजेंसियों के मुताबिक हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात में इन्होंने अलग-अलग लोगों को निशाना बनाया था
लॉरेंस और उसके गैंगस्टरों का राज उन 75 मोबाइल फोनों में छुपा हुआ है, जो पिछले 3 महीने में जांच एजेंसियों ने अलग-अलग गैंगस्टरों के यहां छापेमारी के दौरान जब्त किए हैं। आज का छापा इनके ही आधार पर चल रहा है।
जानिए लॉरेंस बिश्नोई को
लॉरेंस बिश्नोई पंजाब का एक गैंगस्टर है। वह अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। वह अपने बुरे कामों के कारण कई बार जेल जा चुका है। यह है तो अपराधी, लेकिन खुद की छवि रॉबिनहुड वाली बनाता है। इसके समुदाय के लोग इसे हीरो भी मानते हैं। यहह लोगों की नजरों में तब आया, जब इसने बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी।
लॉरेंस बिश्नोई एवं उनके गैंग ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी अपने उपर ली है। कुछ समय से सिद्धू मूसेवाला एवं लॉरेंस बिश्नोई के बीच गरमा गर्मी चल रही थी। दरअसल, सिद्धू लॉरेंस बिश्नोई की विरोधी पार्टी को बहुत सपोर्ट कर रहा था, जो लॉरेंस को पसंद नहीं आया। इसी रंजिश के मारे उसने खुले आम सिद्धू मूसेवाला को गोलियों से भून डाला। लॉरेंस बिश्नोई का कहना है कि उसने अपने दोनों भाइयो विक्रमजीत सिंह मिदूखेरा और गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला ले लिया है।





