इस्लामाबाद। पाकिस्तान अपने सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कंगाल पाकिस्तान लोन के लिए IMF से आस लगाए बैठा है, और वार्ताओं का दौर पर दौर चल रहा है। हालांकि, पाकिस्तान बहुत बुरी तरह फंस गया है। आईएमएफ की कठोर शर्ते मानने पर पाकिस्तान और बर्बाद होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
- पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) अभी किसी समझौते तक पहुंचने में विफल रहे
- पाकिस्तानी अधिकारियों ने रक्षा बजट से 10-20 फीसदी की कटौती की शर्त को मानने से इनकार कर दिया है
- सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री इशाक डार ने आईएमएफ मिशन प्रमुख से रक्षा बजट में कटौती की शर्तों को हटाने का अनुरोध जैसे ही किया, तभी मिशन प्रमुख ने बातचीत रोक दी
- उन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर किए बिना पाकिस्तान छोड़ने का फैसला कर लिया
- सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर आधिकारिक यात्रा पर ब्रिटेन में हैं और सरकार को उनके साथ रक्षा बजट पर चर्चा करने के लिए कुछ समय चाहिए, लेकिन IMF अपनी शर्तों को लेकर अड़ा रहा
तकनीकी वार्ता पूरी, पर परिणाम सिफर
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की टीम और पाकिस्तान सरकार के बीच तकनीकी वार्ता पूरी हो चुकी है। IMF ने पाकिस्तान की सरकार शहबाज को तनाव दे दिया है। पाकिस्तान के एआरवाई न्यूज के मुताबिक इस वार्ता के दौरान, आईएमएफ टीम सभी वस्तुओं पर सामान्य बिक्री कर (GST) को 17 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने की मांगों पर अड़ी रही है। इसके अलावा भी कई शर्तें ऐसी हैं जिन शर्तों को मानाने के बाद पाकिस्तान में महंगाई अपने चरम पर पहुंच सकती है। इसके अलावा सेना के खर्चे में कटौती से भी सेना भड़केगी। हालांकि, IMF का मानना है कि जीएसटी में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी से अन्य 39 अरब रुपये एकत्र करने में मदद मिलेगी।
आईएमएफ ने वार्ता के अंत से ठीक पहले आर्थिक और वित्तीय नीतियों के लिए ज्ञापन के मसौदे पर चर्चा की, उसी दिन स्टाफ-स्तर के समझौते पर भी बात की। सूत्र ने खुलासा किया कि पाकिस्तान में आर्थिक संकट की गंभीरता के कारण, हर सहमत उपाय अधिकांश पाकिस्तानियों के लिए कठिन होगा। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार के 3 बिलियन डॉलर (2.9 बिलियन डॉलर) से नीचे खिसकने के कारण अभी पाकिस्तान की आयात क्षमता केवल 10 दिनों की है। भुगतान संतुलन के संकट का सामना कर रही 350 अरब डॉलर की पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बाहरी फंडिंग महत्वपूर्ण है।





