विटामिन B12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। इसकी कमी नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन बिना जरूरत अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेना भी सही नहीं है। जानिए इसके फायदे, संभावित दुष्प्रभाव और सावधानियां।
विटामिन B12 को शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में गिना जाता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज और डीएनए बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी और खून की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर तंत्रिकाओं को भी नुकसान पहुंच सकता है।
लेकिन क्या विटामिन B12 की ज्यादा मात्रा खतरनाक हो सकती है? इसका जवाब समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि विटामिन B12 की अधिकता और इसके सप्लीमेंट से होने वाले संभावित दुष्प्रभाव एक ही बात नहीं हैं।
क्या ज्यादा विटामिन B12 लेने से नुकसान होता है?
अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, विटामिन B12 में विषाक्तता की संभावना कम मानी जाती है। इसलिए इसके सेवन की अधिकतम सुरक्षित सीमा निर्धारित नहीं की गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को बिना जरूरत अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेते रहना चाहिए।
ज्यादा मात्रा में लेने पर दिख सकते हैं ये दुष्प्रभाव
विटामिन B12 की गोलियां या इंजेक्शन लेने वाले कुछ लोगों में दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- त्वचा पर मुंहासे या चकत्ते: कुछ लोगों में B12 सप्लीमेंट, खासकर अधिक मात्रा वाले इंजेक्शन, लेने के बाद मुंहासे जैसे दाने या त्वचा संबंधी प्रतिक्रियाएं देखी गई हैं।
- एलर्जी की प्रतिक्रिया: दुर्लभ मामलों में खुजली, चकत्ते या गंभीर एलर्जी हो सकती है।
- अन्य परेशानियां: जी मिचलाने या दस्त जैसी शिकायतों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, लेकिन इन्हें हर मामले में विटामिन B12 की अधिकता का परिणाम नहीं माना जा सकता। विटामिन B12 लेने के बाद सांस लेने में परेशानी या चेहरे, होंठ और गले में सूजन हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
क्या विटामिन B12 रोज लेना जरूरी है?
शरीर को विटामिन B12 नियमित रूप से भोजन से मिलना चाहिए, लेकिन हर व्यक्ति के लिए रोज सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं है। मांस, मछली, अंडे, दूध और दुग्ध उत्पाद इसके प्रमुख स्रोत हैं। शाकाहारी या पूर्णतः वनस्पति आधारित आहार लेने वाले लोगों को इसकी कमी का अधिक जोखिम हो सकता है, खासकर यदि वे विटामिन B12 से समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते। कुछ लोगों में उम्र, पाचन संबंधी समस्याओं या विशेष दवाओं के कारण भी B12 का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। ऐसे मामलों में चिकित्सक जांच और जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।
खून में B12 का स्तर ज्यादा हो तो क्या करें?
खून की जांच में विटामिन B12 का स्तर बढ़ा हुआ आने का अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि सप्लीमेंट के कारण शरीर को नुकसान हो रहा है। यदि कोई व्यक्ति B12 की गोलियां या इंजेक्शन नहीं ले रहा और फिर भी उसका स्तर अधिक है, तो चिकित्सक अन्य संभावित कारणों का मूल्यांकन कर सकते हैं।
क्या है सही तरीका?
विटामिन B12 न तो अपने आप में खतरनाक है और न ही इसकी अधिक मात्रा को पूरी तरह जोखिम-मुक्त मानना उचित है। इसकी कमी होने पर उपचार जरूरी हो सकता है, जबकि बिना जरूरत सप्लीमेंट लेना लाभकारी नहीं भी हो सकता।
सलाह: यदि आप नियमित रूप से विटामिन B12 की गोलियां या इंजेक्शन ले रहे हैं, तो अपनी खुराक चिकित्सक से तय कराएं। निर्धारित उपचार को अपने आप बंद न करें।





