25 अक्टूबर 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति अलग रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जबकि कई स्थानों पर आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम का असर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग होगा, इसलिए किसी एक राज्य के पूर्वानुमान को पूरे देश पर लागू मानना सही नहीं है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर, तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की आशंका
दक्षिण भारत में 25 अक्टूबर को मौसम पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। उपलब्ध पूर्वानुमान में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और माहे के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कर्नाटक के तटीय और दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इन क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले ताजा स्थानीय पूर्वानुमान देखना चाहिए।
दिल्ली में आंशिक बादल, अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान
दिल्ली के लिए 25 अक्टूबर के उपलब्ध पूर्वानुमान में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने और अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बताई गई है। न्यूनतम तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली में उस दिन भारी बारिश की चेतावनी दर्ज नहीं थी। हालांकि, मौसम की स्थिति बदल सकती है, इसलिए बाहर निकलने से पहले ताजा अपडेट देखना उपयोगी रहेगा।
उत्तर भारत में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना, पहाड़ी क्षेत्रों में रखें सावधानी
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए जारी पूर्वानुमान में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 25 अक्टूबर के आसपास हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों को सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए।
मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में क्या रहेगा मौसम?
मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत के लिए 25 अक्टूबर की सटीक जिलेवार स्थिति जानने के लिए मौसम विभाग का नवीनतम बुलेटिन देखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश या तेज हवाओं का एक समान अलर्ट घोषित होने का दावा नहीं किया जा सकता। किसानों, वाहन चालकों और आम लोगों को स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।





