भोपाल। मध्यप्रदेश में मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था, परंपरा और भव्य आयोजनों के बीच मनाया जा रहा है। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर तक रावण दहन की तैयारियां पूरी हैं। कहीं विशालकाय रावण के पुतले आकर्षण का केंद्र हैं, तो कहीं भगवान महाकाल की सवारी और शस्त्र पूजन के जरिए परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है। हालांकि, कुछ जिलों में बारिश की संभावना ने आयोजकों की चिंता बढ़ाई है।
भोपाल में 18 मैदानों पर रावण दहन
राजधानी भोपाल में इस बार 18 मैदानों में रावण दहन के आयोजन किए जा रहे हैं। कोलार में 105 फीट ऊंचा रावण आकर्षण का केंद्र रहेगा। जंबूरी मैदान में 101 फीट, कलियासोत मैदान में 90 फीट, टीटी नगर में 55 फीट और बिट्टन मार्केट में 53 फीट ऊंचे पुतले का दहन होगा। कोलार और छोला में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने का कार्यक्रम है। बैरागढ़, गांधी नगर, कोहेफिजा, छोला, हाउसिंग बोर्ड, अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, भेल, एमवीएम कॉलेज, लहारपुरा, शाहपुरा और अन्य स्थानों पर भी उत्सव की तैयारियां की गई हैं। आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच शहर में विजयादशमी का उल्लास देखने को मिलेगा।
इंदौर में 121 फीट का रावण
इंदौर में उषागंज छावनी का दशहरा आयोजन विशेष आकर्षण रहेगा। यहां 121 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों ने लगभग डेढ़ घंटे तक आतिशबाजी की व्यवस्था की है। विशाल पुतले और रोशनी से सजे आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
उज्जैन में रावण दहन के साथ महाकाल की सवारी
धार्मिक नगरी उज्जैन में दशहरा मैदान पर 101 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। इसके अलावा कार्तिक मैदान, उन्हेल चौराहा और हीरा मिल मैदान में भी आयोजन किए जाएंगे। विजयादशमी पर भगवान महाकाल की चांदी की पालकी में सवारी दशहरा मैदान पहुंचेगी। यहां शमी वृक्ष का पूजन किया जाएगा। आयोजन के लिए लगभग एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में रंगोली बनाने और पालकी पर फूल बरसाने की तैयारी भी की गई है। इस तरह उज्जैन में दशहरा धार्मिक परंपराओं और सार्वजनिक उत्सव का संगम बनेगा।
ग्वालियर और जबलपुर में भी उत्सव
ग्वालियर के फूलबाग मैदान में 65 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दी गई है। आयोजन में करीब 30 मिनट की आतिशबाजी प्रस्तावित है। वहीं, जबलपुर के ग्वारीघाट में 75 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया गया है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्थानीय उत्सव समितियां दशहरा कार्यक्रमों को अंतिम रूप दे चुकी हैं।
बारिश के अलर्ट के बीच तैयारियां
प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना को देखते हुए आयोजन समितियां पुतलों को सुरक्षित रखने के इंतजाम कर रही हैं। बारिश होने पर पुतलों के निर्माण, सजावट और दहन के कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को आयोजन स्थल पर जाने से पहले स्थानीय प्रशासन और आयोजकों की सूचना पर ध्यान देना चाहिए। विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। मध्यप्रदेश में विशाल रावण दहन, आतिशबाजी, शस्त्र पूजन और भगवान महाकाल की सवारी के जरिए धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की विविध छटा दिखाई दे रही है।





