चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति की प्रमुख पत्रिका छ्यूशीपत्रिका के इस साल के
20वें अंक में पार्टी महासचिव शी चिनफिंग का एक महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित होगा। शुक्रवार को
प्रकाशित होने वाले इस लेख का शीर्षक है, उच्च मानकों और ठोस उपायों के साथ पार्टी अनुशासन को
व्यापक और सख्ती से लागू करना
लेख में कहा गया है कि 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) चीन के समाजवादी आधुनिकीकरण की
नींव मजबूत करने और इस दिशा में व्यापक प्रयास करने का महत्वपूर्ण चरण है। सीपीसी की 20वीं
केंद्रीय समिति के चौथे पूर्ण अधिवेशन में तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पार्टी के नेतृत्व को बनाए
रखना और मजबूत करना जरूरी है। इसके साथ ही, पार्टी में अनुशासन को व्यापक और सख्ती से लागू
करने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ानी होगी।
लेख में जोर दिया गया है कि पार्टी की केंद्रीय समिति के प्रमुख फैसलों और योजनाओं को दृढ़ता से लागू
किया जाना चाहिए। यह केंद्रीय समिति के अधिकार और उसके एकीकृत नेतृत्व को बनाए रखने की
बुनियादी जरूरत है। साथ ही, पार्टी और देश के विकास में लगातार प्रगति सुनिश्चित करने का एक
अहम अनुभव भी है। लेख के मुताबिक दो दृढ़ समर्थन के सिद्धांत और पार्टी की केंद्रीय समिति के
साथ एकजुटता केवल नारों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें व्यवहार में भी दिखना चाहिए।
लेख में सत्ता के इस्तेमाल पर निगरानी और नियंत्रण को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने पर भी
जोर दिया गया है। इसे नए युग में पार्टी अनुशासन को सख्ती से लागू करने का एक महत्वपूर्ण कार्य
बताया गया है। इसके लिए संबंधित नियमों और व्यवस्थाओं को मजबूत करने, निगरानी के दायरे को
बढ़ाने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की जरूरत है।
लेख में कहा गया है कि कानून और नियमों के सामने सभी समान हैं। किसी को विशेषाधिकार नहीं
दिया जा सकता और न ही किसी को नियमों से छूट मिलनी चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को खुद
नियमों का पालन करके दूसरों के सामने उदाहरण पेश करना चाहिए।
इसके अलावा, लेख में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और दृढ़ता से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई गई
है। सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस (नवंबर 2012) के बाद से चीन ने केंद्रीय समिति के एकीकृत
नेतृत्व में भ्रष्टाचार से निपटने का एक विशेष तरीका विकसित किया है। इसमें सुधार और भ्रष्टाचार
पर अंकुश लगाने के उपायों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जाता है।
साथ ही, ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया जाता है, जिसमें लोग भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न करें,
उन्हें भ्रष्टाचार करने का मौका न मिले और वे भ्रष्टाचार करने की इच्छा भी न रखें। लेख में इस दिशा
में किए जा रहे प्रयासों को जारी रखने की बात कही गई है।
लेख में यह भी कहा गया है कि चीन में भ्रष्टाचार की समस्या अब भी गंभीर है और यह बार-बार सामने
आती रहती है। मौजूदा स्थिति इस आकलन की पुष्टि करती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष की
परिस्थितियां अभी भी गंभीर और जटिल हैं। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले आधार और परिस्थितियों
को खत्म करना अब भी एक बड़ी चुनौती है।
लेख के मुताबिक, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई एक ऐसा महत्वपूर्ण संघर्ष है, जिसमें हार की कोई
गुंजाइश नहीं है। इसे न तो एक पल के लिए रोका जा सकता है और न ही इस दिशा में उठाए गए कदम
पीछे लिए जा सकते हैं। इसलिए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख बनाए रखना, भ्रष्टाचार के हर मामले
की जांच करना और दोषियों को सजा देना जरूरी है, ताकि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को बच निकलने
का कोई मौका न मिले।
इसके साथ ही, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने वाली व्यवस्था को और मजबूत करने, विभिन्न पक्षों की
निगरानी को आपस में जोड़ने और पूरी प्रक्रिया में समन्वित कार्रवाई के जरिए प्रभावी नियंत्रण
सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





