भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सोमवार को बाजार में दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए थे, लेकिन मंगलवार सुबह बाजार में खरीदारी का रुख दिखाई दिया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 150 अंकों की बढ़त के साथ 71,951.73 पर खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 भी तेजी के साथ 22,364.15 के स्तर पर खुला। कारोबार आगे बढ़ने के साथ बाजार की बढ़त और मजबूत हुई। सुबह 9:35 बजे सेंसेक्स 439.39 अंक चढ़कर 72,364.07 पर पहुंच गया। इसके बाद सुबह 10 बजे तक सेंसेक्स की तेजी बढ़कर 662.34 अंक हो गई और यह 72,587.02 पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसी समय निफ्टी भी 211.85 अंक की बढ़त के साथ 22,575.20 पर पहुंच गया। हालांकि, शुरुआती कारोबार में सभी शेयरों में तेजी नहीं थी और सेंसेक्स के कई शेयर दबाव में भी रहे। निवेशकों की नजर बाजार की चाल, प्रमुख कंपनियों के शेयरों और रुपये की स्थिति पर बनी हुई है।
सोमवार को मजबूत शुरुआत के बावजूद बाजार की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई थी
12 अक्टूबर को शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की थी। सेंसेक्स करीब 400 अंकों की बढ़त लेकर 72,771.32 के स्तर पर खुला था। वहीं, निफ्टी ने भी 22,593.20 पर कारोबार शुरू किया था। शुरुआती तेजी के बावजूद दिन आगे बढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 950 अंक नीचे फिसल गया और कारोबार समाप्त होने पर 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,924.68 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। सोमवार की गिरावट के बाद मंगलवार को बाजार में लौटी तेजी ने निवेशकों का ध्यान फिर से खींचा है।
आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा, एचसीएल टेक की बढ़त रही खास
मंगलवार की शुरुआती तेजी में आईटी कंपनियों के शेयरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। सुबह के कारोबार में एचसीएल टेक सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा। दिए गए शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 9:35 बजे इसके शेयर में 3.84 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी। आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों से जुड़ी उम्मीदों और प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। दूसरी ओर, सुबह के कारोबार में पावरग्रिड के शेयर में 1.30 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सेंसेक्स के 30 शेयरों में शुरुआती समय पर 14 शेयर बढ़त में और 16 गिरावट में थे। इससे साफ था कि प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बावजूद बाजार के सभी शेयर एक जैसी चाल नहीं दिखा रहे थे।
डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक हालात पर भी निवेशकों की नजर
शेयर बाजार के साथ मुद्रा बाजार की गतिविधियां भी निवेशकों के लिए अहम बनी हुई हैं। सोमवार को भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दर्ज की गई थी और कारोबार के दौरान यह करीब 95.76 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंचा। बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और महंगाई से जुड़े आंकड़ों का भी असर पड़ सकता है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है। इसलिए बाजार की दिशा केवल शुरुआती बढ़त से तय नहीं होती; दिनभर के कारोबार में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेतों की भूमिका बनी रहती है।
सेंसेक्स का 52 सप्ताह का रिकॉर्ड क्या है और बाजार में आगे किन स्तरों पर नजर रहेगी?
सेंसेक्स के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 86,159.02 और न्यूनतम स्तर 71,292.88 रहा है। मंगलवार की शुरुआती तेजी के बावजूद निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बाजार अपनी बढ़त को कितना बनाए रख पाता है। निफ्टी में 22,500 के ऊपर कारोबार ने भी ध्यान खींचा, लेकिन दिन के अंत की चाल ही बाजार की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी। निवेशकों को किसी एक कारोबारी सत्र की तेजी या गिरावट के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय कंपनी के नतीजों, बाजार के जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।





