भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC के फैसले से पहले बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी दबाव देखने को मिला। बाजार में इस बात की चर्चा है कि RBI मौजूदा 5.25% रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो बैंकों के लिए RBI से पैसा लेना महंगा हो सकता है और इसका असर आगे चलकर आम ग्राहकों के लोन और EMI पर भी पड़ सकता है। इसी आशंका के बीच कारोबार की शुरुआत होते ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में नजर आए। सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान 450 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी 22,650 के स्तर के नीचे फिसल गया।
RBI के फैसले से पहले बाजार में बढ़ी बेचैनी, निवेशकों की नजर MPC के ऐलान पर टिकी
बुधवार के कारोबार में निवेशकों का पूरा ध्यान RBI की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर रहा। रेपो रेट को लेकर बाजार में संभावित बढ़ोतरी की चर्चा के कारण निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई। इसका असर शेयर बाजार की शुरुआत पर भी साफ दिखाई दिया। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 72,965.38 के स्तर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 73,067.81 पर बंद हुआ था। यानी बाजार खुलते ही सेंसेक्स पिछले बंद स्तर से नीचे रहा। कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव और बढ़ा और सेंसेक्स की गिरावट 450 अंकों के पार पहुंच गई।
निफ्टी भी दबाव में आया, 22,650 के स्तर से नीचे कारोबार ने बढ़ाई चिंता
सेंसेक्स के साथ-साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी बुधवार को कमजोरी के साथ खुला। 50 शेयरों वाला निफ्टी 22,690.45 के स्तर पर खुला, लेकिन शुरुआती कारोबार में इसमें भी दबाव देखने को मिला और यह 22,650 के नीचे चला गया। बाजार में लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी। खासतौर पर RBI के ब्याज दरों से जुड़े संभावित फैसले को लेकर बाजार की नजरें अब MPC के नतीजों पर टिकी हैं। ब्याज दरों में बदलाव का सीधा असर बैंकिंग, लोन और निवेश से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
एक दिन पहले बाजार ने दिखाई थी मजबूत तेजी, सेंसेक्स 73 हजार के पार बंद हुआ था
गौरतलब है कि 6 अक्टूबर मंगलवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 फीसदी की बढ़त के साथ 73,067.81 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 220.35 अंक यानी 0.98 फीसदी की मजबूती आई थी और यह 22,776.10 पर बंद हुआ था। मंगलवार को सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 9 शेयरों में गिरावट रही। ट्रेंट के शेयर में सबसे ज्यादा 12.78 फीसदी की तेजी दर्ज हुई, जबकि टेक महिंद्रा 2.30 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे कमजोर शेयर रहा।
रेपो रेट बढ़ी तो बैंक लोन और आम लोगों की EMI पर पड़ सकता है सीधा असर
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI देश के वाणिज्यिक बैंकों को जरूरत के समय पैसा उपलब्ध कराता है। अगर केंद्रीय बैंक इस दर में बढ़ोतरी करता है तो बैंकों के लिए RBI से फंड जुटाना महंगा हो सकता है। इसका असर बैंकिंग सिस्टम के जरिए ग्राहकों तक पहुंच सकता है और होम लोन, पर्सनल लोन या दूसरे कर्ज की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है। ऐसी स्थिति में कई ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है। हालांकि अंतिम असर RBI के फैसले और बैंकों की ब्याज दर नीति पर निर्भर करेगा।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों की स्थिति पर भी निवेशकों की नजर
बुधवार को बाजार खुलने के बाद सेंसेक्स में तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 450 अंकों से ज्यादा नीचे चला गया, जबकि निफ्टी भी कमजोर बना रहा। ऐसे में निवेशकों की नजर अब सेंसेक्स में शामिल प्रमुख शेयरों के प्रदर्शन के साथ-साथ RBI MPC के फैसले पर है। बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक केंद्रीय बैंक के रुख पर निर्भर कर सकती है। मंगलवार की मजबूत तेजी के बाद बुधवार की
गिरावट ने बाजार में उतार-चढ़ाव को और बढ़ा दिया है।





