अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रवक्ता जूली कोज़ाक ने 1 अक्तूबर को नियमित
प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आईएमएफ अमेरिकी और चीनी व्यापार टीमों के बीच हालिया
परामर्श में बनी सकारात्मक सहमति का बहुत स्वागत करता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की व्यापार टीमों के बीच लगातार संपर्क से वैश्विक व्यापार
माहौल में पूर्वानुमान और स्थिरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आईएमएफ
इस क्षेत्र में होने वाले घटनाक्रमों पर लगातार करीबी नज़र रखेगा।
इसी दौरान कोज़ाक ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर
पड़ा है। इससे न केवल सीमित नीतिगत सुरक्षा उपायों वाले और शुद्ध ऊर्जा आयातक देशों
को नुकसान हुआ है, बल्कि उन देशों पर भी असर पड़ा है, जो अभी तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता
(एआई) की आपूर्ति श्रृंखला से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं और इसके विकास से मिलने वाले
लाभों का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति विशेष रूप से
चिंताजनक है।
कोज़ाक ने बताया कि कुछ देश एआई में बढ़ते निवेश से मिलने वाले अवसरों का लाभ नहीं
उठा पाए हैं। इसके साथ ही, ये देश ऊर्जा संकट से भी गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और उनके
पास नीतिगत स्तर पर सीमित सुरक्षा उपाय हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ देशों ने
आईएमएफ के साथ सहायता समझौते किए हैं और आईएमएफ इन देशों के साथ मिलकर
काम कर रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





