जींद जिले के संगतपुरा गांव की सुदेश देवी के लिए 2026 एशियाई खेलों का यह दिन जिंदगी भर याद रहने वाला बन गया। वह घर से बीपीएल राशन का अनाज लेने निकली थीं, लेकिन इसी दौरान उन्हें खबर मिली कि उनकी बेटी नीरू ढांडा ने जापान में भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया है। महिला ट्रैप शूटिंग में नीरू ने व्यक्तिगत गोल्ड हासिल कर देश का नाम रोशन किया। परिवार की आर्थिक स्थिति लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन नीरू ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपने को आगे बढ़ाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की।
नीरू ने 30 में से 28 निशाने साधकर एशियाई खेलों में बनाया नया रिकॉर्ड
26 वर्षीय नीरू ढांडा ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 30 में से 28 निशाने बिल्कुल सटीक लगाए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया एशियाई खेल रिकॉर्ड अपने नाम किया। चीन की निशानेबाज सन युनोंग 26 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। नीरू की यह जीत सिर्फ एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके वर्षों के संघर्ष और लगातार मेहनत का परिणाम भी मानी जा रही है।
कभी कबड्डी खेलती थीं नीरू, रिश्तेदार की कामयाबी ने शूटिंग की ओर मोड़ा रास्ता
नीरू ढांडा ने अपने खेल करियर की शुरुआत शूटिंग से नहीं, बल्कि कबड्डी से की थी। वह स्कूल और राज्य स्तर पर कबड्डी खेलती थीं। साल 2018 में उनके चचेरे भाई लक्ष्य श्योराण ने जकार्ता एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। उनकी उपलब्धि देखने के बाद नीरू के मन में भी निशानेबाजी को करियर बनाने का विचार आया और उन्होंने शूटिंग सीखने की दिशा में कदम बढ़ाया।
परिवार के पास सिर्फ दो एकड़ जमीन, अपनी राइफल तक नहीं थी नीरू के पास
नीरू के परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे महंगी शूटिंग ट्रेनिंग और जरूरी उपकरणों का खर्च आसानी से उठा सकें। परिवार के पास करीब दो एकड़ जमीन और कुछ पशु ही थे। शुरुआती दिनों में नीरू के पास अपनी राइफल भी नहीं थी और वह अपने चचेरे भाई लक्ष्य की गन से अभ्यास करती थीं। उनके चाचा सोमवीर श्योराण ने भी उनके खेल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
तालाब किनारे टीन के टुकड़े पर लगाया निशाना, फिर भोपाल में शुरू हुई ट्रेनिंग
नीरू के चाचा ने शुरुआत में उनकी निशानेबाजी की क्षमता परखने के लिए उन्हें तालाब के पास ले जाकर टीन के एक छोटे टुकड़े पर निशाना लगाने को कहा था। इस शुरुआती अभ्यास के बाद नीरू ने औपचारिक प्रशिक्षण शुरू किया और मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल पहुंचीं। सीमित सुविधाओं से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया।
सेना में नायब सूबेदार हैं नीरू, 2025 में भी जीत चुकी हैं इंटरनेशनल गोल्ड
नीरू ढांडा अब भारतीय सेना की कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं और महू की आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्हें खेल मंत्रालय की TOPS योजना के डेवलपमेंट ग्रुप में भी जगह मिली है। नीरू ने 2022 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था और 2025 एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। अब 2026 एशियाई खेलों का गोल्ड उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।





