हाल में चीन के शांगहाई में वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ, जिसमें
भारत समेत कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिसमें चीन ने बेहतरीन मेजबानी
कर पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता की तैयारी और उसे
सफल बनाने के लिए चीन ने व्यापक प्रयास किए। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कार्यक्रम
के लिए बधाई संदेश भेजा, जिसे उद्घाटन समारोह में पढ़कर सुनाया गया। चीनी प्रधानमंत्री
ली छयांग ने समारोह में भाग लिया और प्रतियोगिता के शुरू होने की औपचारिक घोषणा
की। इस तरह दुनिया भर के युवा टैलेंट को एक साथ लाने वाली इस विश्व कौशल
प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसके साथ ही प्रतियोगिता में भी चीन के प्रतिभागी पहले
स्थान पर रहे। जबकि भारत ने दसवां स्थान हासिल किया। जो कि पहले के मुकाबले बेहतर
रहा।
बता दें कि चीनी टीम ने सभी 64 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। उसने 41 स्वर्ण, 11 रजत
और 4 कांस्य पदक के साथ 6 मेडल फॉर एक्सीलेंस जीते। ऐसे में चीन पदक तालिका में
शीर्ष पर रहा। यह विश्व कौशल प्रतियोगिता के इतिहास में चीन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ
प्रदर्शन है।
जबकि भारत के लिहाज से यह प्रतियोगिता बहुत अहम रही, क्योंकि उसने अब तक का
सबसे बड़ा दल शांगहाई भेजा था। दल में कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु सहित 16
राज्यों के प्रतिभागी शामिल रहे।
कहा जा सकता है कि भारत ने इस प्रतियोगिता को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। इस
बार शांगहाई में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता में भारतीय टीम पहली बार शीर्ष 10 में
शामिल हुई। जबकि 15 साल पहले हुई प्रतियोगिता में भारत 39वें नंबर पर था। लेकिन
हाल के वर्षों में भारत के प्रदर्शन में सुधार देखा गया है। इस बार भारतीय प्रतिनिधियों ने
बेकरी, डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल डिज़ाइन, लॉजिस्टिक्स और रिटेल आदि क्षेत्रों की स्पर्धा
में हिस्सा लिया। इस तरह भारतीय युवाओं ने दुनिया के सम्मुख अपने कौशल का प्रदर्शन
किया। मुकाबलों में भारतीय दल ने छह सिल्वर मेडल और 20 मेडल फॉर एक्सीलेंस जीते।
इस तरह भारत 10वें स्थान पर रहा। जबकि 2024 में भारत 13वें नंबर पर था।
इस बार शीर्ष स्थान चीन की टीम ने हासिल किया, वहीं दक्षिण कोरिया की टीम दूसरे
स्थान पर रही। पूर्व में हुई प्रतियोगिताओं की बात करें तो भारत 2011 में लंदन में 39वें स्थान पर था,
जबकि 2013 में 55वें नंबर पर। वहीं 2017 में अबू धाबी में भारतीय युवाओं ने बेहतर
प्रदर्शन 19वां स्थान हासिल किया।
बता दें कि भारत ने अब तक का सबसे बड़ा दल शांगहाई भेजा। जिसमें 70 प्रतिभागी
शामिल थे, जिन्होंने 63 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। जिनमें एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग,
इंजीनियरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ आदि प्रमुख थे।
भारत के कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने टीम को बधाई देते हुए
कहा कि वर्ल्डस्किल्स शांगहाई 2026 में भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया।
वहीं वर्ल्डस्किल्स इंडिया की आधिकारिक प्रतिनिधि मनीषा सेनशर्मा ने कहा कि इस
प्रतियोगिता का महत्व सिर्फ मेडल जीतने से कहीं ज़्यादा है। क्योंकि वर्ल्डस्किल्स में
कॉम्पिटिशन के साथ-साथ सीखने का भी उतना ही महत्व होता है। शांगहाई में भारतीय
प्रतिभागियों और विशेषज्ञों को आज के दौर में बदलते व्यावसायिक मानकों और नई
तकनीकों के साथ-साथ कई चीज़ें सीखने को मिलीं।
इसके साथ ही समापन समारोह का शानदार आयोजन हुआ। जिसमें डांस और संगीत के
अलावा विजेताओं को पुरस्कार बांटे गए। इस दौरान वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल का ध्वज
जापान को सौंपा गया। क्योंकि अगली और 49वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता का आयोजन
साल 2028 में जापान के आइची प्रांत में होगा।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





