Sunday, September 27, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home स्पेशल

बासी रोटी सच में सेहत का खजाना या सिर्फ एक मिथक?स्टार्च में होने वाले कुछ बदलाव हो सकते हैं कुछ लोगों के लिए उपयोगी

DigitalDesk by DigitalDesk
September 27, 2026
in स्पेशल
0
stale roti truly a treasure trove of health benefits or just a myth Certain changes in the starch content could be beneficial for some people
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

Related posts

Reaching home during the festive season easier additional trains running major routes connecting UP Bihar Delhi Gujarat South India

त्योहारी सीजन में घर पहुंचना होगा आसान, यूपी-बिहार से लेकर दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत तक के प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनें

September 27, 2026
Central Government SVAMITVA Scheme The official pathway to securing rights over village land

केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना:गांव की जमीन पर हक का सरकारी रास्ता, पट्टा कैसे बनता है और किसे मिलता है?

September 27, 2026

रात की बची रोटी को अक्सर अगले दिन खाने की बजाय फेंक दिया जाता है। दूसरी तरफ, बासी रोटी को लेकर यह दावा भी खूब किया जाता है कि यह ताजी रोटी से ज्यादा फायदेमंद होती है। लेकिन सच इन दोनों के बीच है। बासी रोटी कोई चमत्कारी भोजन नहीं है, लेकिन ठंडा होने के दौरान इसके स्टार्च में होने वाले कुछ बदलाव इसे कुछ लोगों के लिए उपयोगी जरूर बना सकते हैं।

ठंडी रोटी में बदलता है स्टार्च

रोटी ठंडी होने पर उसमें मौजूद स्टार्च की संरचना बदलती है और उसका कुछ हिस्सा रेजिस्टेंट स्टार्च में परिवर्तित हो सकता है। यह सामान्य स्टार्च की तुलना में धीरे पचता है और बड़ी आंत तक पहुंचकर वहां मौजूद सूक्ष्मजीवों के लिए भोजन का काम कर सकता है। इसी वजह से ठंडी या दोबारा गर्म की गई कुछ स्टार्चयुक्त चीजों का रक्त शर्करा पर असर ताजी अवस्था की तुलना में कुछ अलग हो सकता है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है। इसका मतलब यह नहीं कि हर बासी रोटी रक्त शर्करा को नियंत्रित करने वाली औषधि जैसा काम करेगी। असर रोटी के आटे, पकाने के तरीके, कितनी देर ठंडी हुई और व्यक्ति के शरीर की चयापचय स्थिति जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

फाइबर का फायदा, बासीपन का नहीं

बासी होने के बाद रोटी में अचानक अतिरिक्त फाइबर, कैल्शियम या विटामिन पैदा नहीं हो जाते। रोटी का पोषण मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस आटे से बनाया गया है। साबुत गेहूं के आटे की रोटी में फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। पर्याप्त फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है और नियमित मल त्याग में मदद कर सकता है। लेकिन बासी रोटी को गैस, कब्ज या एसिडिटी का तत्काल इलाज मान लेना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा।

दूध के साथ खाने का कितना फायदा?

बासी रोटी को दूध के साथ खाना भारतीय घरों की पुरानी परंपरा है। पोषण के लिहाज से देखें तो रोटी से कार्बोहाइड्रेट और दूध से प्रोटीन तथा कैल्शियम मिल सकते हैं। यानी यह एक सामान्य भोजन संयोजन हो सकता है। लेकिन यह दावा कि बासी रोटी और दूध साथ खाने से शरीर की “गर्मी” खत्म होती है या एसिडिटी निश्चित रूप से दूर हो जाती है, वैज्ञानिक रूप से स्थापित नहीं है। जिन लोगों को दूध पचाने में परेशानी होती है, उनके लिए यही संयोजन पेट फूलने या दूसरी तकलीफ का कारण भी बन सकता है।

असली सवाल पोषण नहीं, सुरक्षा है

बासी रोटी के मामले में सबसे ज्यादा ध्यान भंडारण और स्वच्छता पर देना चाहिए। गर्म और नम वातावरण में कमरे के तापमान पर लंबे समय तक रखी रोटी में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि हो सकती है। समस्या यह है कि हर बार खराब भोजन केवल देखने या सूंघने से सुरक्षित और असुरक्षित के बीच पहचाना नहीं जा सकता। इसलिए बची रोटी को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाहर रखने के बजाय उचित तरीके से ढककर और जरूरत के अनुसार ठंडे स्थान या फ्रिज में रखना बेहतर है। अगर रोटी पर फफूंद दिखाई दे, बदबू आए या उसका रंग और बनावट असामान्य लगे, तो उसे खाने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।

बासी रोटी पर सबसे बड़ा भ्रम

सोशल मीडिया पर बासी रोटी को लेकर कई दावे किए जाते हैं—जैसे इसमें विटामिन बढ़ जाते हैं, यह शरीर को डिटॉक्स करती है या इसमें बड़ी मात्रा में “गुड बैक्टीरिया” पैदा हो जाते हैं। इन दावों को सामान्य नियम की तरह स्वीकार करना सही नहीं है। असल कहानी ज्यादा साधारण है। रोटी के ठंडा होने पर स्टार्च में बदलाव हो सकता है, जबकि उसके  मूल पोषक तत्व मुख्य रूप से वही रहते हैं। इसलिए फायदा बासी होने के कारण किसी जादुई तरीके से नहीं आता। बासी रोटी अगर साफ-सफाई के साथ बनाई गई है, सही तरीके से रखी गई है और खराब नहीं हुई है, तो अगले दिन इसे खाया जा सकता है। यानी बासी रोटी का फायदा संभव है, लेकिन चमत्कारी नहीं। असली फर्क रोटी के आटे, कुल आहार, मात्रा और सुरक्षित भंडारण से पड़ता है। रेजिस्टेंट स्टार्च का संभावित लाभ एक वैज्ञानिक तथ्य है, लेकिन “बासी रोटी हर बीमारी का इलाज है” जैसी बातें मिथक के दायरे में आती हैं।

Tags: #Is stale roti really #highly beneficial for health#or is it just a myth #Starch content
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल
30 गेंदों में शतक, फिर ध्यान की मुद्रा में बैठे अभिषेक शर्मा; पिता ने बताया सफलता का राज

30 गेंदों में शतक, फिर ध्यान की मुद्रा में बैठे अभिषेक शर्मा; पिता ने बताया सफलता का राज

मुख्य समाचार

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version