Madhya Pradesh Assembly Election:मध्यप्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना हैं। ऐसे में चुनाव के लिए बीजेपी ने सत्ता और संगठन में कसावट शुरू कर दी। इसे लेकर बीजेपी ऑफिस में बैठकों का लम्बा दौर शुरू हो गया। पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने बढ़ती बयानबाजी को लेकर सिंधिया समर्थक मंत्रियों को समझाइश दी है। उन्होंने इन मंत्रियों को गैरजरूरी बयानबाजी से दूर रहने और चुनावी तैयारियों में जुटने की नसीहत दी है।
बता दें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव की सह संगठन मंत्री ने पिछले दिनों क्लास लगाई थी। जिसके बाद ये मंत्री चुप चुप नजर आ रहे हैं। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जो कहा उसका उसका मतलब कोई नहीं समझा। वे सिर्फ इतना बोले ‘बिजली आई-बिजली गई।
सिंधिया समर्थक मंत्रियों को भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने पार्टी के कार्यक्रमों के हिसाब से कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कहा। उनसे स्थानीय स्तर पर बढ़ते गतिरोध को भी कंट्रोल करने, कार्यकर्ताओं से तालमेल बनाने की सलाह दी। शिवप्रकाश ने उनसे अनावश्यक बयानबाजी से बचने की भी सलाह दी। उपचुनाव में जो बूथ हारे थे, उन बूथों पर फोकस करने को भी कहा गया है। इन मंत्रियों को अपने विभागों में होने वाले नवाचारों को भी पब्लिक के सामने प्रचारित करने की सलाह दी गई।
सिंधिया समर्थकों पर मंत्री की सफाई
सिंधिया समर्थक मंत्रियों की क्लास लेने के सवाल पर मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि पार्टी की सभी बैठकें निर्णायक होती हैं। शिवप्रकाश जी नेताओं का मार्गदर्शन करते हैं। इसमें कौन सी नई बात है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों के सवाल पर उनका कहना था कि भाजपा में कोई किसी का समर्थक मंत्री नहीं होता। सभी भाजपा के कार्यकर्ता होते हैं। जो भी कमजोर सीटें हैं, उन्हें जीतने की तैयारी है।
कार्यकर्ताओं के बीच बनाएं तालमेल
पार्टी सूत्र बताते हैं कि बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने सिंधिया समर्थक मंत्रियों को पार्टी के कार्यक्रमों के हिसाब से तय प्रवास और कार्यक्रमों में शामिल होने की हिदायत दी है। स्थानीय स्तर पर बढ़ रहे गतिरोध को भी कंट्रोल करने, साथ ही कार्यकर्ताओं से तालमेल बनाने के लिए कहा है। शिवप्रकाश ने अनावश्यक बयानबाजी से बचने की भी सलाह भी दी है। उपचुनाव में जो बूथ हारे थे। उन बूथों पर फोकस करने को भी कहा गया है। साथ ही, मंत्रियों को अपने विभागों में होने वाले नवाचारों को भी पब्लिक के सामने प्रचारित करने की सलाह दी है।





