बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की कमाई को लेकर इन दिनों जबरदस्त चर्चा है। एक तरफ बड़े सितारों और भारी बजट वाली फिल्मों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सीमित बजट में बनी फिल्में भी दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बनाकर बड़े कलेक्शन का दावा कर रही हैं। इसी कड़ी में ‘हनुमान अंश’ सबसे ज्यादा चर्चा में है।
2 करोड़ का बजट, 300 करोड़ का दावा
तीन महिलाओं ने लगाया 60-60 लाख
कम बजट में बड़ा बॉक्स ऑफिस धमाका
हनुमान अंश से टॉक्सिक तक करोड़ों की कमाई
बॉक्स ऑफिस के बाद OTT और सीक्वल की तैयारी
फिल्म से जुड़े दावों के मुताबिक करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने दुनियाभर में 291 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर में इसका कलेक्शन 329 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यानी फिल्म के कलेक्शन को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। ऐसे में वास्तविक कमाई समझने के लिए ग्रॉस, नेट और विश्वव्यापी कलेक्शन के अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
तीन महिला प्रोड्यूसर्स का 60-60 लाख का निवेश
‘हनुमान अंश’ की कहानी सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं है। फिल्म के निर्माण से जुड़ी तीन महिला प्रोड्यूसर्स भी चर्चा में हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रागिनी सोना, नम्रता जी सिंह और 21 वर्षीय अनूप्रिया नागर ने फिल्म में निवेश किया। अनूप्रिया के मुताबिक उनका निवेश कुल निवेश का करीब एक-तिहाई यानी लगभग 60 लाख रुपये था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी फिल्म का खर्च नहीं उठाया था। उनके अनुसार फिल्म से जुड़ने के समय शूटिंग पूरी हो चुकी थी और प्रोजेक्ट पोस्ट-प्रोडक्शन में था। अनूप्रिया ने अपने निवेश को नीम करोली बाबा के प्रति अपनी आस्था से भी जोड़ा है। वहीं निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि अनूप्रिया फिल्म की कहानी की लेखिका नहीं हैं और उनसे जुड़ी कुछ खबरों को उन्होंने गलत बताया।
कम बजट, सीमित शूटिंग और सादगी का फॉर्मूला
फिल्म की निर्माण प्रक्रिया भी दिलचस्प है। टीम ने शुरुआत में 26 दिनों की शूटिंग के बजट के साथ काम शुरू किया था, लेकिन खर्च को नियंत्रित करने के लिए शूटिंग 22 दिनों में ही पूरी कर ली गई। फिल्म की शूटिंग वास्तविक लोकेशन पर की गई और सीमित संसाधनों में कहानी को पर्दे पर उतारने की कोशिश की गई। यही वह पहलू है जो कम बजट की फिल्मों की अर्थव्यवस्था को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। बड़ी स्टारकास्ट, महंगे सेट और भारी प्रचार के बजाय कहानी, विषय और लागत नियंत्रण पर जोर दिया जाए तो कम बजट में भी फिल्म के लिए व्यावसायिक संभावना बन सकती है। हालांकि किसी फिल्म की सफलता को केवल बजट और कमाई के अनुपात से तय नहीं किया जा सकता।
‘हनुमान अंश’ से ‘टॉक्सिक’ तक, करोड़ों का आंकड़ा
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर में कई फिल्मों के कलेक्शन के आंकड़े दिए गए हैं। इसके मुताबिक ‘हनुमान अंश’ 329 करोड़ रुपये, ‘बीके यूनिट’ 317 करोड़ रुपये, ‘टॉक्सिक’ 315 करोड़ रुपये, ‘मिर्जापुर’ 302 करोड़ रुपये और ‘इरुमुडी’ 238 करोड़ रुपये के कलेक्शन के साथ दिखाई गई हैं। हालांकि इन आंकड़ों को पढ़ते समय सावधानी जरूरी है। बॉक्स ऑफिस में ग्रॉस और नेट कलेक्शन अलग होते हैं। इसके अलावा भारत और दुनियाभर के कलेक्शन को भी अलग-अलग तरीके से रिपोर्ट किया जाता है। निर्माताओं, ट्रैकिंग एजेंसियों और मीडिया रिपोर्टों के आंकड़ों में अंतर संभव है। इसलिए वायरल पोस्टर के आंकड़ों को अंतिम आधिकारिक आंकड़ा मानने के बजाय इन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे के तौर पर देखना ज्यादा उचित है।
अब कहानी बॉक्स ऑफिस से OTT और सीक्वल तक
‘हनुमान अंश’ की चर्चा अब कथित बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ-साथ ओटीटी और सीक्वल को लेकर भी है। फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना के मुताबिक सफलता के बाद कई ओटीटी प्लेटफॉर्म ने फिल्म में रुचि दिखाई है। हालांकि निर्माताओं का कहना है कि उनकी प्राथमिकता शुरुआत से ही थिएटर रिलीज रही।
वहीं फिल्म से जुड़े लोगों के मुताबिक इसकी कहानी को आगे बढ़ाने की तैयारी है और दो सीक्वल की योजना पर भी चर्चा हो चुकी है। तीसरी फिल्म की कहानी को वैश्विक स्तर तक ले जाने की बात कही गई है। नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित ‘हनुमान अंश’ में आस्था, भक्ति, प्रेम, करुणा और निस्वार्थ सेवा जैसे विषयों को केंद्र में रखा गया है। ऐसे में अगर फिल्म के बताए गए कलेक्शन आंकड़े सही साबित होते हैं, तो यह फिल्म कम बजट में बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच बनाने के उदाहरण के तौर पर देखी जाएगी। बॉक्स ऑफिस की इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में दर्शक बड़े बजट और बड़े सितारों के बजाय कहानी और विषय को ज्यादा महत्व देंगे। ‘हनुमान अंश’ से लेकर ‘टॉक्सिक’ जैसी फिल्मों के कलेक्शन को लेकर चल रही चर्चा इसी बदलते बॉक्स ऑफिस ट्रेंड की ओर इशारा करती है।




