वियतनाम का खूबसूरत द्वीप फु क्वोक अब सिर्फ समुद्र, रिसॉर्ट और सूर्यास्त के लिए मशहूर पर्यटन स्थल नहीं रह गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की पसंद में तेजी से उभरता हुआ नाम बन गया है। 2026 के पहले सात महीनों में यहां 15 लाख से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचे, जो पिछले साल की समान अवधि से 53.49 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा बताता है कि फु क्वोक की लोकप्रियता अब किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं है।
- फु क्वोक बना नया ट्रैवल हॉटस्पॉट
- भारत से 700% बढ़ी फु क्वोक की खोज
- दक्षिण कोरिया की उड़ानें लगभग फुल
- समुद्र से सनसेट तक टूरिज्म का नया मॉडल
- वीजा छूट और कनेक्टिविटी बनी बड़ी ताकत
सबसे दिलचस्प तस्वीर भारत से सामने आ रही है। आवास खोज के आंकड़ों के मुताबिक फु क्वोक हनीमून के लिए लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों में शामिल हो गया है और भारत से इसकी खोज में सालाना करीब 700 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शादी, हनीमून, पारिवारिक छुट्टियों और बड़े समूहों के लिए यह द्वीप भारतीय यात्रियों के बीच नई पसंद बनता दिखाई दे रहा है। दक्षिण कोरिया में भी फु क्वोक की मांग बेहद मजबूत है। जुलाई में इंचियोन-फु क्वोक उड़ानों में औसतन करीब 85.5 प्रतिशत सीटें भरी रहीं। कुछ एयरलाइनों की सीट ऑक्यूपेंसी 93 प्रतिशत से ज्यादा रही। यानी कई उड़ानों में लगभग हर सीट बुक रही। चीन में भी रेडनोट पर फु क्वोक ट्रैवल गाइड की खोज में 172 प्रतिशत की वृद्धि बताई गई है।
फु क्वोक की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह कनेक्टिविटी और आसान प्रवेश व्यवस्था है। द्वीप के लिए विदेशी यात्रियों को विशेष 30 दिन तक की वीजा छूट उपलब्ध है, जबकि कुछ देशों के नागरिकों को वियतनाम में 45 दिन तक वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा मिलती है। सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार भी पर्यटकों के लिए पहुंच आसान कर रहा है।
लेकिन केवल प्राकृतिक खूबसूरती से कोई पर्यटन स्थल लंबे समय तक ट्रेंडिंग नहीं रहता। फु क्वोक ने समुद्र तट के साथ मनोरंजन, लग्जरी रिसॉर्ट, वाटर पार्क, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय भोजन, कला कार्यक्रम और आतिशबाजी को एक ही पर्यटन अनुभव में जोड़ दिया है। खासतौर पर सनसेट टाउन इसकी पहचान बनता जा रहा है, जहां समुद्र के किनारे मनोरंजन और रात के समय होने वाले कार्यक्रम पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
अब साल के अंत के पीक टूरिस्ट सीजन को देखते हुए सिम्फनी ऑफ द सी का नया सीजन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शो में बड़े स्तर पर बदलाव और आतिशबाजी की मात्रा बढ़ाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य सिर्फ पर्यटकों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि फु क्वोक में उनके ठहरने की अवधि और खर्च को भी बढ़ाना है। यानी फु क्वोक की कहानी सिर्फ बढ़ते पर्यटक आंकड़ों की नहीं है। भारत में 700 प्रतिशत बढ़ती खोज, दक्षिण कोरिया में लगभग फुल उड़ानें और चीन समेत पश्चिमी बाजारों में बढ़ती दिलचस्पी यह संकेत देती है कि यह द्वीप अब पारंपरिक समुद्र तटीय पर्यटन स्थलों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहा है। आने वाले पीक सीजन में इसकी अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता किस स्तर तक पहुंचती है, यह देखने वाली बात होगी।




