25 साल का सत्ता-सफर, ‘सेवा संकल्प’ का संदेश: CM से PM तक नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा के 7 अक्टूबर को 25 वर्ष
17 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’ सिर्फ एक महीने तक चलने वाला कार्यक्रम नहीं है। इसके साथ 7 अक्टूबर 2026 की वह तारीख भी जुड़ी है, जब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की पहली शपथ के 25 वर्ष पूरे होंगे। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक वे गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और बाद में 2014, 2019 और 2024 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
यानी 25 साल की यह यात्रा एक राज्य के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचने की राजनीतिक यात्रा है।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुई कहानी
2001 में नरेंद्र मोदी ने ऐसे समय गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला, जब राज्य कई चुनौतियों से गुजर रहा था। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उस समय 2001 के कच्छ भूकंप, पहले आए चक्रवाती तूफान, सूखे और राजनीतिक अस्थिरता जैसी परिस्थितियां मौजूद थीं। खुद प्रधानमंत्री ने बाद में उस दौर को याद करते हुए कहा था कि इन परिस्थितियों ने गुजरात के पुनर्निर्माण के संकल्प को मजबूत किया। इसके बाद 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों के बाद नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहे। 2012 के बाद उनका राष्ट्रीय राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा और 2013 में भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया।
यहीं से गुजरात के मुख्यमंत्री की भूमिका राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में पहुंचने लगी।
गुजरात से दिल्ली तक—2014 में बड़ा मोड़
26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 282 सीटें हासिल कीं और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया। 2019 में भाजपा की सीट संख्या बढ़कर 303 हुई और नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला।
2024 में भाजपा को 240 लोकसभा सीटें मिलीं, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत मिलने के बाद नरेंद्र मोदी ने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह मुख्यमंत्री के रूप में चार विधानसभा कार्यकाल और प्रधानमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल उनकी राजनीतिक यात्रा के प्रमुख पड़ाव रहे हैं।
25 साल की सबसे बड़ी विशेषता—लगातार सरकार के मुखिया की भूमिका
7 अक्टूबर 2026 का महत्व इस बात से है कि 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई जिम्मेदारी और उसके बाद प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी के बीच नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में लंबा निरंतर कार्यकाल पूरा किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने 2025 में ही उनके सरकार के प्रमुख के रूप में 25वें वर्ष में प्रवेश करने का उल्लेख किया था। प्रधानमंत्री ने उस अवसर पर कहा था कि उनका लगातार प्रयास लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और देश की प्रगति में योगदान देने का रहा है।
इस यात्रा को तीन चरणों में समझा जा सकता है—
2001–2014 — गुजरात मॉडल और राज्य प्रशासन का दौर
2014–2024 — राष्ट्रीय स्तर पर विकास और शासन की राजनीति का दौर
2024–2026 — तीसरे प्रधानमंत्री कार्यकाल में विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर का दौर
यही निरंतरता ‘सेवा संकल्प’ अभियान के राजनीतिक संदेश की पृष्ठभूमि बनती है।
राजनीति के साथ तकनीक का बदलता इस्तेमाल
नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा का एक और पहलू तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ा है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रशासन में डिजिटल माध्यमों और वेबसाइट आधारित सूचना तंत्र को बढ़ावा दिया गया। बाद में चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया और डिजिटल संचार का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ। 2014 का लोकसभा चुनाव भारतीय राजनीति में डिजिटल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के लिहाज से महत्वपूर्ण पड़ाव बना। इसके बाद यह संचार शैली और व्यापक हुई।





