BRICS में दुनिया की बड़ी कूटनीति के बीच ‘बियांका इफेक्ट’… नाइजीरियाई विदेश मंत्री की मुस्कान ने क्यों खींचा भारत का ध्यान?
नई दिल्ली में संपन्न हुआ 18वां BRICS शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बदलती विश्व व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। भारत की मेजबानी में हुए इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। 12 और 13 सितंबर को हुए सम्मेलन में 45 पन्नों के नई दिल्ली घोषणापत्र के जरिए वैश्विक शासन, व्यापार, युद्ध, प्रतिबंध, विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बहुपक्षीय व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदस्य देशों ने अपनी स्थिति रखी।
लेकिन इस बड़े कूटनीतिक मंच से एक अलग तस्वीर भी सामने आई। सोशल मीडिया पर चर्चा अचानक वैश्विक राजनीति से हटकर नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुक्वु पर केंद्रित हो गई। सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद सोमवार को उनके दिल्ली से रवाना होने के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।
कूटनीति के मंच पर एक अलग पहचान
बियांका ओडुमेग्वु-ओजुक्वु सिर्फ एक खूबसूरत चेहरा नहीं, बल्कि नाइजीरिया की विदेश नीति का महत्वपूर्ण चेहरा हैं। नाइजीरिया जनवरी 2025 में BRICS का पार्टनर देश बना और नई दिल्ली सम्मेलन में उसने व्यापार, निवेश, तकनीक, कृषि, उद्योग और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
यानी जिस महिला की तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर फैशन और सुंदरता की चर्चा हो रही है, वह उसी समय दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच अपने देश के आर्थिक और कूटनीतिक हितों की पैरवी कर रही थीं।
‘मोनालिसा’ से तुलना क्यों?
दिल्ली से विदाई के दौरान बियांका की तस्वीरों में उनका आत्मविश्वास, सहज मुस्कान और विशिष्ट पहनावा लोगों का ध्यान खींच गया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनकी मुस्कान और व्यक्तित्व की तुलना मोनालिसा से तक कर दी। हालांकि यह तुलना पूरी तरह सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा संचार प्रभाव दिखाई देता है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अक्सर आम लोगों तक पहुंचने वाली तस्वीरें लंबे भाषणों से ज्यादा प्रभाव पैदा करती हैं। बियांका की तस्वीरों ने BRICS जैसे जटिल और गंभीर विषय को अचानक आम सोशल मीडिया दर्शकों की बातचीत का हिस्सा बना दिया।
BRICS की गंभीरता के बीच ‘सॉफ्ट पावर’
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम BRICS के बदलते स्वरूप को भी दिखाता है। BRICS अब सिर्फ पांच देशों का आर्थिक समूह नहीं रहा। भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के पुराने ढांचे के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया जैसे देशों के जुड़ने से इसका दायरा और प्रभाव बढ़ा है।
ऐसे मंच पर नेताओं और मंत्रियों की सार्वजनिक छवि भी कूटनीति का हिस्सा बन जाती है। एक तरफ बंद कमरों में व्यापार, प्रतिबंध, युद्ध और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था पर बातचीत होती है, तो दूसरी तरफ नेताओं की सार्वजनिक मौजूदगी देशों की सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान को दुनिया के सामने पेश करती है।
भारत-नाइजीरिया रिश्तों के लिए भी अहम दौरा
बियांका का दिल्ली दौरा सिर्फ BRICS की औपचारिकता तक सीमित नहीं था। सम्मेलन से इतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी नाइजीरियाई विदेश मंत्री के साथ बातचीत की। नाइजीरिया अफ्रीका की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक है। भारत के लिए अफ्रीका में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रणनीतिक सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। नाइजीरिया भी भारत के तकनीकी अनुभव, खासकर युवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े मॉडल में रुचि दिखा रहा है। खुद बियांका ने भारत के युवा वर्ग को तकनीक के जरिए अवसर देने के अनुभव को नाइजीरिया के लिए प्रासंगिक बताया था।
BRICS की असली तस्वीर—ग्लैमर नहीं, बदलती दुनिया
बियांका ओडुमेग्वु-ओजुक्वु की वायरल तस्वीरें BRICS की गंभीर राजनीतिक उपलब्धियों का विकल्प नहीं हैं। असली महत्व नई दिल्ली घोषणापत्र और उसके जरिए सामने आए सामूहिक रुख का है। BRICS देशों ने एकतरफा प्रतिबंधों, व्यापार संरक्षणवाद और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में असंतुलन पर चिंता जताई है। साथ ही स्थानीय मुद्राओं और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों के इस्तेमाल को आगे बढ़ाने की दिशा में बात हुई, हालांकि साझा BRICS मुद्रा का कोई फैसला नहीं हुआ।
यही इस सम्मेलन की सबसे बड़ी कहानी है।
एक तरफ नई दिल्ली में दुनिया की बदलती शक्ति-समीकरण पर गंभीर मंथन हुआ, दूसरी तरफ उसी सम्मेलन से एक ऐसा मानवीय और ग्लैमरस चेहरा वायरल हुआ जिसने लाखों लोगों का ध्यान खींच लिया।
बियांका की मुस्कान भले ही सोशल मीडिया की सुर्खी बन गई हो, लेकिन उसके पीछे खड़ी तस्वीर इससे कहीं बड़ी है—अफ्रीका की बढ़ती भूमिका, भारत की बढ़ती कूटनीतिक पहुंच और BRICS के जरिए उभरती बहुध्रुवीय दुनिया।
यानी दिल्ली से बियांका की विदाई सिर्फ एक विदेशी मंत्री की रवानगी नहीं थी। वह तस्वीरें यह भी दिखा गईं कि आज की कूटनीति सिर्फ बंद कमरों और सरकारी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है। कूटनीति में व्यक्तित्व, संस्कृति, छवि और सोशल मीडिया भी उतने ही महत्वपूर्ण हो चुके हैं। और शायद यही वजह है कि 18वें BRICS सम्मेलन की गंभीर कूटनीतिक खबरों के बीच ‘बियांका इफेक्ट’ भी भारत की सोशल मीडिया कहानी बन गया।