दिल्ली की गलियों से शुरू हुआ एक युवा का सफर आज एक सफल हेल्थ-फूड बिजनेस की कहानी बन चुका है। आदित्य पोद्दार ने फिटनेस को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया और इसी अनुभव को बिजनेस के आइडिया में बदलते हुए FitFeast नाम की पीनट बटर कंपनी खड़ी कर दी। आज इस कंपनी की वैल्यूएशन करीब 5 करोड़ रुपये बताई जाती है। खास बात यह है कि आदित्य का रास्ता शुरू से आसान नहीं था। IIT में दाखिले का सपना पूरा नहीं हुआ, कॉलेज के दौरान वजन 90 किलो तक पहुंच गया और नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने सुरक्षित करियर के बजाय अपना कारोबार शुरू करने का जोखिम उठाया।
IIT में दाखिले का सपना टूटा, लेकिन आदित्य ने असफलता को अपनी मंजिल नहीं बनने दिया
आदित्य ने 11वीं और 12वीं कक्षा में JEE की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत और कोचिंग की, लेकिन उनका IIT में चयन नहीं हो सका। इस नतीजे से निराश होकर रुकने के बजाय उन्होंने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के लिए एक प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज का यह दौर उनके लिए आगे की जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ, क्योंकि पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपनी फिटनेस और करियर दोनों को नए नजरिए से देखना शुरू किया।
17 साल की उम्र में 90 किलो वजन पहुंचा तो खुद को बदलने का लिया बड़ा फैसला
कॉलेज के पहले साल में आदित्य का वजन बढ़कर करीब 90 किलो हो गया था। बढ़ते वजन को लेकर परिवार की चिंता और दोस्तों की टिप्पणियों ने उन्हें अपनी दिनचर्या बदलने के लिए प्रेरित किया। महज 17 साल की उम्र में उन्होंने फिटनेस को गंभीरता से अपनाने का फैसला किया। करीब छह महीने तक नियमित जिम, डाइट और अनुशासन पर ध्यान देकर उन्होंने लगभग 20 किलो वजन कम किया। इसी दौरान उन्हें हेल्दी फूड और फिटनेस से जुड़े प्रोडक्ट्स को लेकर अपनी दिलचस्पी का एहसास हुआ।
पढ़ाई के साथ शुरू किया छोटा स्टार्टअप, यहीं से बिजनेस की समझ मजबूत हुई
कॉलेज में रहते हुए आदित्य ने एक छोटा स्टार्टअप भी शुरू किया, जो जिम ट्रेनर्स और उनके ग्राहकों के बीच कनेक्शन बनाने का काम करता था। यह उनका पहला कारोबारी अनुभव था, जहां उन्हें ग्राहकों की जरूरत समझने और बाजार में किसी समस्या का समाधान तलाशने का मौका मिला। इसी अनुभव ने उनके भीतर एंटरप्रेन्योर बनने की इच्छा को और मजबूत किया और भविष्य में अपना ब्रांड खड़ा करने की दिशा दिखाई।
15 लाख रुपये की नौकरी छोड़कर हेल्थ-फूड बिजनेस में उतरे, 2018 में शुरू हुआ FitFeast
ग्रेजुएशन के बाद आदित्य को लंदन की एक कंपनी में करीब 15 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। यह उनके लिए एक सुरक्षित और आकर्षक करियर विकल्प था, लेकिन खुद का कारोबार शुरू करने की इच्छा लगातार बनी रही। आखिरकार उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने जुनून को कारोबार में बदलने का फैसला किया। साल 2018 में उन्होंने FitFeast की शुरुआत की, जिसमें पीनट बटर को हेल्थ, क्वालिटी और स्वाद के साथ पेश करने पर जोर दिया गया।
फिटनेस के अनुभव को बिजनेस आइडिया में बदला, आज 5 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन तक पहुंचा ब्रांड
FitFeast ने धीरे-धीरे ऐसे ग्राहकों के बीच अपनी जगह बनाई, जो स्वाद के साथ बेहतर और पौष्टिक विकल्प चाहते थे। आदित्य के अपने फिटनेस सफर ने उन्हें इस बाजार की जरूरत समझने में मदद की। क्वालिटी और ग्राहकों की पसंद पर लगातार ध्यान देने के साथ ब्रांड आगे बढ़ता गया और आज इसकी वैल्यूएशन करीब 5 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। आदित्य पोद्दार की कहानी बताती है कि असफलता, बढ़ता वजन या सुरक्षित नौकरी छोड़ने का फैसला किसी व्यक्ति की अंतिम मंजिल तय नहीं करता। सही दिशा, मेहनत और जोखिम उठाने का साहस हो तो मुश्किल परिस्थितियों से भी नई शुरुआत की जा सकती है।
3,383 करोड़ के मालिक BJP विधायक ने मांगी सड़क पर भीख, भिखारी बनकर लोगों के बीच पहुंचे पराग शाह
मुंबई के घाटकोपर से बीजेपी विधायक पराग शाह का एक अलग अंदाज इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। शाह ने अपना हुलिया पूरी तरह बदलकर एक दिन भिखारी के रूप में बिताया और घाटकोपर की सड़कों पर लोगों से मदद के तौर पर पैसे मांगे। वह आम लोगों के बीच बैठते रहे, इलाके में घूमे और बिना अपनी पहचान बताए लोगों से बातचीत की। इस दौरान आसपास मौजूद ज्यादातर लोग उन्हें पहचान नहीं सके। उनके इस पूरे अनुभव का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जैन गुरु के सुझाव पर बदला रूप, एक दिन आम लोगों के बीच भिखारी बनकर बिताया
बताया जा रहा है कि विधायक पराग शाह ने यह प्रयोग जैन चातुर्मास के दौरान आध्यात्मिक गुरु नम्रमुनि महाराज के सुझाव पर किया। इसके पीछे मकसद केवल भेष बदलना नहीं था, बल्कि यह महसूस करना था कि उन लोगों का जीवन कितना मुश्किल होता है, जिन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए दूसरों से मिलने वाली मदद पर निर्भर रहना पड़ता है। शाह ने इस अनुभव के जरिए समाज के एक ऐसे वर्ग को करीब से समझने की कोशिश की, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
सुरक्षा और लग्जरी छोड़कर अकेले निकले विधायक, मेकअप से पूरी तरह बदला हुलिया
इस अनुभव के दौरान पराग शाह ने अपनी राजनीतिक पहचान से जुड़ी सुविधाओं को अपने साथ नहीं रखा। उन्होंने सुरक्षा कर्मचारियों, गाड़ी और महंगे सामान से दूरी बनाई और मेकअप के जरिए अपना रूप बदल लिया। इसके बाद वह घाटकोपर की सड़कों पर आम व्यक्ति की तरह निकल पड़े। सड़क किनारे बैठकर उन्होंने लोगों से मदद मांगी और कई स्थानों पर लोगों के साथ समय बिताया। खास बात यह रही कि बदले हुए रूप में मौजूद विधायक को आसपास के लोग पहचान नहीं सके।
भिखारी बनकर मिले लोगों से दोबारा पहुंचे विधायक, अनुभव को समझने की कोशिश की
पराग शाह का यह प्रयोग केवल कुछ घंटे सड़क पर बिताने तक सीमित नहीं रहा। अपना मेकअप हटाने के बाद वह कुछ उन्हीं जगहों पर वापस पहुंचे, जहां पहले भिखारी के रूप में गए थे। उन्होंने उन लोगों से फिर मुलाकात की, जिनसे उनकी बातचीत हुई थी। इस तरह उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि आर्थिक रूप से कमजोर और दूसरों की मदद पर निर्भर लोगों को रोजाना किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।
3,383 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति वाले विधायक का वीडियो बना चर्चा का विषय
पराग शाह की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनका यह प्रयोग और भी ज्यादा चर्चा में आ गया है। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक उन्होंने 3,383 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की थी। शाह का कारोबार मुख्य रूप से रियल एस्टेट से जुड़ा है। विधानसभा चुनाव से पहले वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में पार्षद के तौर पर भी काम कर चुके हैं। करोड़ों की संपत्ति वाले विधायक का सड़क पर भिखारी के रूप में लोगों से मदद मांगने वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस अनुभव को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।





