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शीत्सांग का विदेशी मीडिया को जवाब : तथाकथित “ज़बरन आत्मसात्करण” और “सांस्कृतिक नरसंहार” के सिद्धांत पूरी तरह से निराधार हैं

DigitalDesk by DigitalDesk
August 13, 2026
in मुख्य समाचार
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शीत्सांग का विदेशी मीडिया को जवाब : तथाकथित “ज़बरन आत्मसात्करण” और “सांस्कृतिक नरसंहार” के सिद्धांत पूरी तरह से निराधार हैं
12 अगस्त को शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की सरकार के सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित न्यूज ब्रीफिंग में स्वायत्त प्रदेश में जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाले कानून के अध्ययन, प्रचार और कार्यान्वयन और सम्बंधित जातीय कार्यों की स्थिति का परिचय दिया गया। इसमें, शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के जातीय मामलों के आयोग के उप निदेशक लियू डोंगमेई ने विदेशों में चीन विरोधी ताकतों और मीडिया द्वारा फैलाई गई उन भ्रांतियों का सकारात्मक जवाब दिया कि यह कानून “ज़बरन आत्मसात्करण” और “सांस्कृतिक नरसंहार” है।
लियू डोंगमेई ने कहा कि जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाले कानून के लागू होने से पहले और बाद में, दलाई लामा समूह और कुछ विदेशी ताकतों और मीडिया ने लगातार इस कानून पर हमले किए हैं और “ज़बरन आत्मसात्करण” और “सांस्कृतिक नरसंहार” जैसे बेतुके सिद्धांत फैलाए हैं। तथ्यों के सामने ये गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियां पूरी तरह निराधार हैं; इनका सार चीन के विकास को रोकना और जातीय अलगाववाद को भड़काना है।
लियू डोंगमेई ने कानूनी प्रावधानों और तथ्यों का हवाला देते हुए इन तथाकथित भ्रांतियों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रावधान अल्पसंख्यक भाषाओं, लिपियों और संस्कृतियों के सम्मान, सीखने और संरक्षण को पूरी तरह से दर्शाते हैं। विभिन्न जातीय समूहों की उत्कृष्ट पारंपरिक संस्कृतियाँ चीनी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, और राज्य उत्कृष्ट पारंपरिक चीनी संस्कृति के प्रचार और प्रसार का समर्थन करता है। लियू डोंगमेई ने शीत्सांग की संस्कृति के संरक्षण में हासिल की गई विशिष्ट उपलब्धियों को भी सूचीबद्ध किया। वर्तमान में, स्वायत्त प्रदेश में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची प्रणाली के चार स्तर स्थापित किए गए हैं, जिसमें सभी स्तरों पर 2,760 प्रतिनिधि परियोजनाएं शामिल हैं, और इसके 1,790 प्रतिनिधि उत्तराधिकारी हैं।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

Tags: #Xizang response #foreign media Theories #forced assimilation #cultural genocide are completely baseless
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