मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का चुनावी अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा, जिसके बाद कोई भी बाहरी नेता या स्टार प्रचारक विधानसभा क्षेत्र में नहीं रुक सकेगा। प्रचार के अंतिम दिन भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है, जबकि मतदाताओं को साधने के लिए जनसभाओं, रोड शो और घर-घर संपर्क अभियान का दौर तेज हो गया है।
अंतिम दिन पूरी ताकत से मैदान में दल
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ स्टार प्रचारक भी मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार शाम 5 बजे प्रचार समाप्त होते ही बाहरी नेताओं को दतिया विधानसभा क्षेत्र छोड़ना होगा।
भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर, तीसरे उम्मीदवार ने बढ़ाई चुनौती
उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर दांव लगाया है। हालांकि दामोदर यादव के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला अब त्रिकोणीय माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तीसरे उम्मीदवार की मौजूदगी से दोनों प्रमुख दलों के वोट समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएगा फैसला
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा। मतदान के बाद सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी। मतगणना 3 अगस्त को होगी, जिसके साथ यह साफ हो जाएगा कि दतिया की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है।
मतदाताओं को साधने की आखिरी कोशिश
प्रचार के अंतिम घंटों में उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। अब निगाहें 30 जुलाई के मतदान प्रतिशत और 3 अगस्त को आने वाले चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जो दतिया की सियासी दिशा तय करेगा।





