वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार नौवीं रात ईरान पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई ईरानी हमलों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की याद और सम्मान में की गई है। वहीं, खाड़ी क्षेत्र में हालात और गंभीर हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज में आग लगने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्व कप फाइनल के बाद वॉशिंगटन लौटते समय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के ठिकानों पर “जोरदार हमला” किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उन अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में की गई, जिन्होंने ईरानी हमलों में अपनी जान गंवाई। ट्रंप ने कहा कि ये सैनिक इसलिए लड़ रहे थे ताकि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, हालिया ईरानी हमलों में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। ट्रंप ने इस पर दुख जताते हुए कहा कि देश अपने सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
इस बीच, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमले के बाद उसमें भीषण आग लग गई। हालांकि जहाज की पहचान और हमले के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर डाल सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के कारण पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।





