लगातार गिर रही सेहत
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर चल रहा भूख हड़ताल 20वें दिन में पहुंच गया है। समर्थकों का दावा है कि उनकी शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में वे मंच से उतरते समय सहयोगियों का सहारा लेते और धीमे कदमों से चलते दिखाई दे रहे हैं।
डॉक्टरों ने जताई गंभीर आशंका
वांगचुक की स्वास्थ्य निगरानी कर रहे डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक भोजन न लेने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। चिकित्सकों के अनुसार, यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकलता और स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता, तो महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अनशन खत्म करने से किया इनकार
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखने और प्रस्तावित कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील भी की है।
हाई कोर्ट ने मांगी रोजाना स्वास्थ्य निगरानी
वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
स्वास्थ्य और आंदोलन दोनों पर नजर
लंबे समय से जारी इस अनशन ने एक बार फिर आंदोलन, जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वांगचुक की सेहत में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और उनकी मांगों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।





