नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले NEET पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गर्माता नजर आ रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है। खुद को ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ कहने वाले संगठन ने दावा किया है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।
- NEET मुद्दे पर आंदोलन होगा तेज
- जंतर-मंतर से नेताओं को न्योता
- 20 नेताओं से मांगा आंदोलन का समर्थन
- मानसून सत्र से पहले बढ़ी सियासत
- पेपर लीक पर सरकार घिरने की तैयारी
संगठन का कहना है कि अब आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के लिए देश के 20 प्रमुख राजनीतिक नेताओं को पत्र भेजा गया है। इन नेताओं से जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने और छात्रों की मांगों के पक्ष में आवाज उठाने की अपील की गई है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा कथित रूप से आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना शामिल है।
संगठन का आरोप है कि लंबे समय से प्रदर्शन और अनशन के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक वार्ता नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिन नेताओं को समर्थन के लिए पत्र भेजे जाने का दावा किया गया है, उनमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, संजय राऊत, अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी, उमर अब्दुल्ला, चंद्रबाबू नायडू और जे.पी. नड्डा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, इन नेताओं की ओर से आंदोलन में शामिल होने या समर्थन देने की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इनमें से कितने नेता जंतर-मंतर पहुंचते हैं और इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपना रुख रखते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विभिन्न विपक्षी दलों के नेता इस आंदोलन का समर्थन करते हैं, तो संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक का मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। वहीं, सरकार की ओर से इस मामले में पहले ही जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद जता रहे हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और संसद में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा पर सभी की नजरें रहेंगी।





