सोमवार को भारी बिकवाली से हिल चुके भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को शानदार वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। पिछले कारोबारी सत्र में लाखों करोड़ रुपये की संपत्ति साफ होने के बाद बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, पश्चिम एशिया में तनाव में कुछ नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। नतीजा यह रहा कि सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई और प्रमुख सूचकांकों ने हरे निशान में कारोबार शुरू किया।
एक दिन पहले की भारी बिकवाली के बाद बाजार ने दिखाई जबरदस्त ताकत
सोमवार का दिन निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा था। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स 719 अंक लुढ़ककर 73,524 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 244 अंकों की गिरावट के साथ 23,123 के स्तर पर पहुंच गया था। इस गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण से करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। हालांकि मंगलवार को तस्वीर पूरी तरह बदलती दिखाई दी और निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू कर दी।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी ने दिखाई मजबूत बढ़त
मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही सकारात्मक माहौल देखने को मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 511 अंकों की मजबूती के साथ 74,035 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 136 अंक चढ़कर 23,259 पर खुला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद कई निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का मौका देखा, जिसका असर शुरुआती कारोबार में साफ दिखाई दिया। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।
ईरान-इजरायल तनाव में राहत और तेल की कीमतों में नरमी बनी बड़ी वजह
हाल के दिनों में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन ताजा घटनाक्रम में सैन्य गतिविधियों पर अस्थायी विराम की खबरों से निवेशकों को कुछ राहत मिली है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार पर भी पड़ा। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड करीब 0.39 प्रतिशत फिसलकर 90.94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 94.01 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारतीय बाजार को राहत देने में अहम भूमिका निभाई।
एशियाई बाजारों की शानदार रिकवरी ने बढ़ाया घरेलू निवेशकों का भरोसा
एशियाई शेयर बाजारों में भी मंगलवार को जबरदस्त सुधार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स, जो एक दिन पहले 8 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया था, मंगलवार को 3.77 से 4.4 प्रतिशत तक उछल गया। जापान का निक्केई इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग हल्के दबाव में रहा, लेकिन अधिकांश एशियाई बाजारों में तेजी का माहौल देखने को मिला। इसका सीधा असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा और बाजार में खरीदारी का रुझान मजबूत हुआ।
अमेरिकी बाजारों की मजबूती और डॉलर की स्थिति पर भी टिकी निवेशकों की नजर
अमेरिकी शेयर बाजारों ने भी भारतीय बाजार को सहारा देने का काम किया। सोमवार को नैस्डैक 0.86 प्रतिशत और एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी से निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ। वहीं अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.04 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा। दूसरी ओर रुपया 8 जून को डॉलर के मुकाबले 95.71 के स्तर पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और कम होता है तथा कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो भारतीय बाजार में आगे भी तेजी का माहौल बना रह सकता है।





