पटना में चर्चित खान सर कोचिंग संस्थान के बाहर हुए विवाद और हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार के कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली और प्रतिस्पर्धा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने शुरू की ताबड़तोड़ कार्रवाई
मामले में खान सर के संस्थान से जुड़े कन्हैया सिंह की शिकायत पर कदमकुआं थाने में केस दर्ज किया गया। शिकायत में चार लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 15 अज्ञात व्यक्तियों का भी जिक्र है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और शुरुआती कार्रवाई में तीन लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रोशन आनंद भी शामिल हैं।
दारोगा भर्ती परीक्षा के रिजल्ट के बाद बढ़ा था विवाद
जानकारी के अनुसार हाल ही में जारी दारोगा भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर दोनों कोचिंग संस्थानों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। खान सर के संस्थान की ओर से बड़ी संख्या में छात्रों के चयन का दावा किया गया था। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
कोचिंग संस्थानों के लिए नई नीति लाने की तैयारी में सरकार
घटना के बाद बिहार सरकार भी सक्रिय हो गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार नई कोचिंग पॉलिसी तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीनों के भीतर इस नीति का प्रारूप तैयार किया जाएगा और इसमें सभी संबंधित पक्षों की राय शामिल की जाएगी।
नई पॉलिसी लागू होने के बाद होगी सख्त कार्रवाई
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी कोचिंग संस्थान की ओर से इस तरह की गतिविधियां सामने आती हैं तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने छात्रों से भी शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।
बीजेपी विधायक ने कहा- छात्रों के माहौल को खराब करना ठीक नहीं
बीजेपी विधायक संजय गुप्ता ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि पटना का यह इलाका देशभर के प्रतियोगी छात्रों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में किसी भी प्रकार का तनाव या विवाद छात्रों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।





