भीषण गर्मी के बीच कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, केरल-मुंबई में भी झमाझम के आसार
देशभर में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। India Meteorological Department यानी भारतीय मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मई के आखिरी सप्ताह में देश के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून बारिश देखने को मिल सकती है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
इन दिनों उत्तर भारत से लेकर पश्चिम और पूर्वी भारत तक गर्मी का प्रकोप चरम पर है। कई राज्यों में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में लोग मॉनसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार इस बार केरल में मॉनसून की एंट्री थोड़ी देरी से हो सकती है। पहले अनुमान था कि मॉनसून 26 मई तक केरल पहुंच जाएगा, लेकिन अब इसके 2 से 4 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मॉनसून के लिए अनुकूल बन रहे हालात
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल होती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों में यह दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बड़े हिस्सों तक पहुंच सकता है। सामान्य तौर पर 1 जून के आसपास मॉनसून केरल के तट से टकराता है और यहीं से पूरे देश में बारिश के मौसम की शुरुआत मानी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र के तापमान, हवा की दिशा और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव मॉनसून की गति तय करते हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत की सालाना बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा लेकर आता है और खेती-किसानी से लेकर जल संकट तक, हर क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदलने की संभावना जताई है।
Delhi, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 28 से 31 मई के बीच तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 से 31 मई के बीच बारिश, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।
Uttarakhand और जम्मू-कश्मीर में 28 से 30 मई तक बारिश और आंधी के आसार हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में 28 और 29 मई को मौसम बिगड़ सकता है। राजस्थान में भी 28 और 29 मई को हल्की बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है।
बिहार-झारखंड और पूर्वी भारत में भी बदलेगा मौसम
Bihar, ओडिशा और झारखंड में भी मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार और ओडिशा में 26 से 30 मई के बीच आंधी और बारिश हो सकती है, जबकि झारखंड में अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत हैं।
West Bengal और सिक्किम में 26 और 27 मई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है।
महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश के संकेत
Maharashtra, कोंकण और गोवा क्षेत्र में 26 से 29 मई के बीच आंधी और बारिश के आसार हैं। मुंबई समेत कई इलाकों में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज हो सकती हैं। गुजरात में 30 मई से 1 जून तक बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 1 जून को बारिश हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केरल और मुंबई में हो रही प्री-मॉनसून बारिश मॉनसून के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
क्या होता है प्री-मॉनसून और क्यों है जरूरी?
मॉनसून आने से पहले जो बारिश होती है, उसे प्री-मॉनसून बारिश कहा जाता है। यह गर्मी से राहत देने के साथ-साथ वातावरण में नमी बढ़ाने का काम करती है। इससे तापमान में गिरावट आती है और किसानों को भी राहत मिलती है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से उत्तर भारत में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कारण दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में अगले 4 से 5 दिनों तक बारिश और तेज हवाओं के संकेत हैं।
केरल में मॉनसून पहुंचने की प्रक्रिया
मौसम विभाग के मुताबिक केरल में मॉनसून की आधिकारिक एंट्री घोषित करने के लिए कुछ तय मानकों को पूरा होना जरूरी होता है। केरल के 14 मौसम केंद्रों में से कम से कम 60 प्रतिशत केंद्रों पर लगातार दो दिनों तक 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश दर्ज होना जरूरी है। इसके साथ हवा की गति और बादलों की स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
फिलहाल मौसम के संकेत बताते हैं कि देशभर में जल्द ही गर्मी से राहत मिल सकती है और जून की शुरुआत के साथ मॉनसून का असर तेजी से बढ़ने लगेगा।





