देश के बड़े हिस्से में गर्मी अब खतरनाक स्तर पर पहुंचती जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहेगा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी और गर्म हवाओं के कारण लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
28 मई तक लू का रेड अलर्ट, कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल किसी प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ या बारिश देने वाली मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं होने के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी लोगों को परेशान करेगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में डबल अटैक
आईएमडी के मुताबिक 22 से 28 मई के बीच उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर जाने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ सकता है। प्रशासन को भी स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की उपलब्धता को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
- 28 मई तक लू का रेड अलर्ट
- उत्तर भारत में गर्मी का कहर
- मध्य प्रदेश-यूपी में डबल अटैक
- दिल्ली और राजस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित
- गर्म रातें भी बढ़ाएंगी मुश्किलें
- मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
- हीट स्ट्रोक से बचने की सलाह
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बढ़ेगी तपिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी गर्मी का प्रकोप अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 24 से 27 मई के बीच भीषण लू चलने की संभावना जताई है। राजधानी दिल्ली में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते सड़कें दोपहर में सूनी नजर आ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है। एयर कंडीशनर और कूलर के अधिक इस्तेमाल से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना है। वहीं कई शहरों में पानी की किल्लत भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
राजस्थान फिर बनेगा सबसे गर्म राज्य
राजस्थान में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। रेगिस्तानी इलाकों में तेज गर्म हवाएं और धूल भरी आंधियां लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। विशेषज्ञों ने किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान का असर पशुओं और फसलों पर भी पड़ सकता है।
दूसरे राज्यों में भी गर्मी का अलर्ट
आईएमडी ने विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। पहाड़ी राज्यों में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञ इसे बदलते जलवायु पैटर्न का संकेत मान रहे हैं। कई क्षेत्रों में दिन के समय चलने वाली गर्म और शुष्क हवाएं लोगों की परेशानी को और बढ़ा सकती हैं।
गर्म रातें बढ़ाएंगी खतरा
इस बार सिर्फ दिन की गर्मी ही नहीं, बल्कि रात का तापमान भी लोगों को राहत नहीं देगा। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और तेलंगाना के कई इलाकों में अत्यधिक गर्म रातें दर्ज की जा सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी बताया गया है। विशेषज्ञों ने कहा है कि ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करते हैं। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकना भी जरूरी है।





