देश के कई राज्यों में इन दिनों पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। उत्तराखंड समेत कई इलाकों में कुछ पेट्रोल पंपों पर तेल की सप्लाई समय पर नहीं पहुंच पाई, जिसके बाद पंप मालिकों ने तेल देने की सीमा तय कर दी। कहीं बाइक चालकों को सिर्फ 500 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है, तो कहीं कार चालकों के लिए 2000 रुपये की लिमिट लगाई गई है। इस स्थिति की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और तेल सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता बताई जा रही है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां लगातार साफ कर रही हैं कि देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी बड़े संकट की स्थिति नहीं है। असल परेशानी सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बढ़ी है। व्हाट्सऐप, फेसबुक और एक्स पर पेट्रोल खत्म होने जैसी खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इससे लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवा रहे हैं। कई शहरों में लंबी लाइनें देखने को मिलीं और कुछ लोग बोतलों व ड्रम में भी पेट्रोल स्टोर करते नजर आए। विशेषज्ञों का कहना है कि पैनिक खरीदारी से कृत्रिम कमी जैसी स्थिति बन रही है, इसलिए लोगों को अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।




