देशभर में लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण बिजली की मांग नए रिकॉर्ड बना रही है। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक 25 अप्रैल को देश की अधिकतम बिजली मांग 256 गीगावाट तक पहुंच गई थी, जो 20 मई तक बढ़कर 265 गीगावाट हो गई। अनुमान है कि जून में यह आंकड़ा 271 गीगावाट और जुलाई में 283 गीगावाट तक पहुंच सकता है। बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिजली कटौती रोकने के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
गर्मियों में बिजली संकट से बचने के लिए सभी थर्मल पावर प्लांट लगातार चालू रहेंगे
ऊर्जा मंत्रालय ने फैसला लिया है कि गर्मी के पूरे सीजन में किसी भी थर्मल पावर प्लांट को मेंटेनेंस के लिए बंद नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम बिजली आपूर्ति को लगातार बनाए रखने के लिए जरूरी है। सरकार का मानना है कि इससे करीब 15 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी और बढ़ती मांग को संभालने में मदद मिलेगी।
कोयले का भंडार फिलहाल पर्याप्त लेकिन रिजर्व सामान्य स्तर से कम बना हुआ है
सरकार ने बताया कि बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति अभी स्थिर बनी हुई है। हालांकि फिलहाल देश में करीब 18 दिनों का कोयला भंडार उपलब्ध है, जबकि सामान्य स्थिति में 30 दिनों का रिजर्व रखा जाता है। इसके बावजूद मंत्रालय का दावा है कि मौजूदा स्टॉक गर्मी के दौरान बिजली उत्पादन बनाए रखने के लिए पर्याप्त रहेगा।
ईरान संकट और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से गैस सप्लाई पर बढ़ा दबाव
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के असर अब भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगे हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया की बड़ी ऊर्जा सप्लाई का अहम रास्ता माना जाता है। अधिकारियों ने माना कि गैस सप्लाई और कीमतों पर इसका असर पड़ा है। स्थिति संभालने के लिए सरकार अब नाइजीरिया जैसे दूसरे देशों से वैकल्पिक गैस आपूर्ति की व्यवस्था कर रही है।
सोलर और विंड एनर्जी से बिजली ग्रिड पर दबाव कम करने की तैयारी तेज हुई
सरकार गर्मियों में नवीकरणीय ऊर्जा का ज्यादा इस्तेमाल करने की योजना पर भी काम कर रही है। दिन के समय सोलर एनर्जी उत्पादन बढ़ने और जून से विंड एनर्जी बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा हाइड्रो पावर का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से किया जाएगा ताकि बिजली ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव कम हो सके।
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने अतिरिक्त बिजली सहायता की मांग सरकार से की
सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त बिजली सपोर्ट मांगा है। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर राज्यों को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र सरकार का कहना है कि देश रिकॉर्ड बिजली मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस बार बड़े स्तर पर बिजली संकट नहीं आने दिया जाएगा।





