Hardik Pandya की कप्तानी वाली Mumbai Indians को बुधवार को Kolkata Knight Riders के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा हार्दिक पांड्या पर लगे जुर्माने की हो रही है। आईपीएल 2026 के इस मुकाबले के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने पर हार्दिक पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया है। यह मामला मैच के दौरान मैदान पर उनके व्यवहार से जुड़ा हुआ है।
विकेट की बेल्स को जोर से गिराने की घटना के बाद IPL ने लिया बड़ा फैसला
यह घटना कोलकाता की पारी के 10वें ओवर के दौरान हुई। हार्दिक पांड्या रनअप पर वापस लौट रहे थे, तभी उन्होंने गुस्से में विकेट की बेल्स को जोर से गिरा दिया। आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के तहत इसे मैदान के उपकरणों के साथ गलत व्यवहार माना गया। इसी वजह से मैच रेफरी ने हार्दिक को लेवल-1 नियम तोड़ने का दोषी पाया और उन पर कार्रवाई की गई। हालांकि हार्दिक ने इस फैसले को स्वीकार कर लिया और किसी तरह की अपील नहीं की।
मुंबई इंडियंस की हार से प्लेऑफ की उम्मीदों को लगा झटका
इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ KKR की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें कायम हैं, जबकि मुंबई की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने माना कि उनकी टीम बल्लेबाजी में कम से कम 15 से 20 रन पीछे रह गई। उन्होंने कहा कि अगर कुछ और साझेदारियां हो जातीं तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था।
हार्दिक बोले- IPL में गेंदबाज खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं
मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने पिच को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी विकेट पर खेलना पसंद है जहां गेंदबाजों को भी मदद मिले। हार्दिक के मुताबिक IPL अब पूरी तरह बल्लेबाजों का खेल बनता जा रहा है और गेंदबाज कई बार बेबस नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि इस मैच की पिच ने गेंदबाजों को भी मौका दिया, जिससे मुकाबला ज्यादा संतुलित और रोमांचक बना।
खराब फील्डिंग पर कप्तान ने जताई नाराजगी, कहा- मौके गंवाने की कीमत चुकानी पड़ती है
हार्दिक पांड्या ने मैच के दौरान टीम की खराब फील्डिंग पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पूरी सीजन में मुंबई इंडियंस ने कई आसान कैच छोड़े हैं और यही टीम को भारी पड़ रहा है। कप्तान ने माना कि अगर कोई टीम मैच जीतना चाहती है तो उसे हर छोटा-बड़ा मौका पकड़ना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि कैच छोड़ने के बाद टीम लगातार दबाव में आ जाती है और फिर मुकाबले में वापसी करना मुश्किल हो जाता है।





