हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में रेलवे की 32 हेक्टेयर जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय प्रशासन अवैध कब्जे को हटाने की तैयारी में जुट गया है। कुमाऊं रेंज के डीआईजी निलेश आनंद ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने पैरामिलिट्री की 14 कंपनियां मुहैया कराने की मांग की है, साथ ही सीआरपीएफ को तैनात करने की भी मांग की है।
- 32 हेक्टेयर जमीन कब्जा ली है अतिक्रमणकारियों ने
- रेलवे की है जमीन
- हाईकोर्ट ने दिया है आदेश खाली कराने का
- अतिक्रमणकारी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
रेलवे की जमीन पर है अतिक्रमण
नैनीताल के कलेक्टर धीरज सिंह गरबियाल ने बयान दिया है कि यहां पर जितने भी लोगों ने घर बनाए हैं, वे रेलवे की भूमि पर हैं। इनको हटाया जाना है और इसके लिए तैयारी पूरी चल रही है। कलेक्टर ने फोर्स की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना होगा। बता दें कि हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास बड़े पैमाने पर रेलवे की जमीन का अतिक्रमण किया गया है। अवैध कब्जे को हटाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
हाईकोर्ट ने दिया हटाने का आदेश
मामले पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने बनभूलपुरा इलाके में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। रेलवे की तकरीबन 32 हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाया जाना है। हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। 5 जनवरी 2023 को इस मामले पर शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है, इसलिए अभियान को अब 10 जनवरी तक टाल दिया गया है।
अनशन पर बैठे हरीश रावत
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत बनभूलपुरा के निवासियों के समर्थन में देहरादून स्थित अपने आवास पर एक घंटे तक के लिए मौन अनशन पर बैठ गए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।





