मप्र में बुजुर्ग सबसे ज्यादा असुरक्षित, NCRB रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
भोपाल। National Crime Records Bureau की वर्ष 2024 की रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के मामलों में मध्य प्रदेश देश में सबसे ऊपर पहुंच गया है। हत्या, धोखाधड़ी, मारपीट और महिलाओं के साथ अपराध जैसी घटनाओं ने स्थिति को चिंताजनक बना दिया है।
एनसीआरबी की “क्राइम इन इंडिया 2024” रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ कुल 5 हजार 875 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पूरे देश में सबसे अधिक हैं। पिछले वर्षों की तुलना में यह आंकड़ा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट में सामने आया है कि बीते एक साल में प्रदेश में 144 बुजुर्गों की हत्या के मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा बुजुर्ग महिलाओं के खिलाफ भी अपराध तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार 23 दुष्कर्म और 17 छेड़छाड़ के मामले दर्ज किए गए हैं।
सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक स्थिति इससे भी अधिक गंभीर हो सकती है, क्योंकि कई बुजुर्ग सामाजिक दबाव, भय और पारिवारिक बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते। खासतौर पर घरेलू प्रताड़ना, संपत्ति विवाद और आर्थिक शोषण के मामलों में बड़ी संख्या सामने नहीं आ पाती।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बदलती सामाजिक व्यवस्था, अकेले रह रहे बुजुर्गों की बढ़ती संख्या और पारिवारिक विघटन इसके प्रमुख कारण हैं। कई मामलों में बुजुर्ग ऑनलाइन ठगी और आर्थिक धोखाधड़ी का भी शिकार हो रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए अलग हेल्पलाइन, पुलिस निगरानी और संवेदनशीलता बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर प्रदेश में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने भी सरकार पर कानून व्यवस्था में विफल रहने का आरोप लगाया है।





