पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में सरकार गठन की तैयारियों में जुट गई है। सबसे ज्यादा चर्चा शुभेंदु अधिकारी को लेकर हो रही है, जिन्हें मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि बंगाल में इस बार एक मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।
ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती देने वाले शुभेंदु अधिकारी अब बन सकते हैं बंगाल के नए मुख्यमंत्री
चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद पार्टी नेतृत्व अब नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लेने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर सहमति बन सकती है। माना जा रहा है कि बंगाल भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य विधायक दल की बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं। इसके बाद विधायकों की सहमति से औपचारिक घोषणा की जाएगी।
बंगाल में दो डिप्टी CM बनाने की तैयारी, महिला चेहरे को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार भाजपा इस बार बंगाल में नया राजनीतिक समीकरण बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। चर्चा है कि राज्य में दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इनमें एक पद महिला नेता को दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। अग्निमित्रा पॉल का नाम इस रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो वह पश्चिम बंगाल की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं।
उत्तर बंगाल से भी बड़ा चेहरा कैबिनेट में शामिल करने की रणनीति पर काम कर रही BJP
भाजपा उत्तर बंगाल को भी सत्ता में मजबूत प्रतिनिधित्व देना चाहती है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि सिलिगुड़ी से चुनाव जीतने वाले शंकर घोष को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी मिल सकती है। इससे पार्टी उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेगी।
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। पार्टी इसे बंगाल में अपनी ऐतिहासिक जीत के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रही है।
BJP के सामने अब चुनाव जीतने से बड़ा चुनौतीपूर्ण दौर, जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी जीत के बाद अब भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती बंगाल में प्रशासन और विकास को लेकर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की होगी। राज्य की राजनीति में लंबे समय बाद हुए इस बड़े बदलाव पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।





