घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार, 06 मई 2026 को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की और शुरुआती घंटों में ही निवेशकों को राहत भरी तस्वीर देखने को मिली। वैश्विक संकेतों के सकारात्मक रहने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती के चलते बाजार में चारों तरफ तेजी का माहौल बना हुआ है।
शानदार शुरुआत के साथ सेंसेक्स और निफ्टी ने दिखाया मजबूती का संकेत
आज बाजार खुलते ही बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 406 अंकों की बढ़त के साथ 77,424 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 138 अंकों की तेजी के साथ 24,171 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में खरीदारी का दबाव साफ नजर आया और लगभग सभी सेक्टर्स हरे निशान में कारोबार करते दिखे। खासतौर पर आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी ज्यादा देखने को मिली।
वैश्विक संकेतों के सहारे बाजार में लौटी सकारात्मकता और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में प्रगति की खबरों ने बाजार को मजबूती दी है। इस सकारात्मक संकेत का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जहां करीब 4 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देश के लिए राहत की खबर होती है, जिससे महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद रहती है और यही कारण है कि शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
रुपये की मजबूती ने भी बाजार को दिया सहारा और विदेशी निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया
भारतीय मुद्रा भी आज मजबूत स्थिति में नजर आई। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.28 के पिछले बंद स्तर से सुधरकर 95.04 पर खुला। रुपये की मजबूती से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार आकर्षक बनता है, जिससे पूंजी का प्रवाह बढ़ने की संभावना रहती है। इसका सीधा असर बाजार के सेंटीमेंट पर देखने को मिला और निवेशकों ने खुलकर खरीदारी की।
एशियाई बाजारों में तेजी का असर भारत पर भी दिखा, निवेशकों का उत्साह बढ़ा
एशियाई बाजारों में भी आज सकारात्मक माहौल देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स करीब 4.50 प्रतिशत की मजबूती के साथ अपने ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। हालांकि, स्मॉल-कैप Kosdaq में हल्की 0.15 प्रतिशत की गिरावट रही। हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स फ्यूचर्स में थोड़ा कमजोर नजर आया, जबकि जापान का बाजार सार्वजनिक अवकाश के चलते बंद रहा। कुल मिलाकर एशियाई संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती देने का काम किया।
अमेरिकी बाजार की मजबूती और कच्चे तेल में गिरावट ने बनाया मजबूत माहौल
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। S&P 500 इंडेक्स 58.47 अंक चढ़कर 7,259.22 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nasdaq Composite 258.32 अंकों की बढ़त के साथ 25,326.17 के नए हाई पर पहुंच गया। Dow Jones भी 365.35 अंक उछलकर 49,298.25 पर बंद हुआ। इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कंपनियों के बेहतर नतीजे प्रमुख कारण रहे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को दी राहत, निवेशकों की चिंता हुई कम
आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। WTI क्रूड करीब 1.20 प्रतिशत गिरकर 101.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 1.13 प्रतिशत गिरकर 108.69 डॉलर पर ट्रेड करता नजर आया। ऊर्जा की कीमतों में गिरावट से कंपनियों की लागत कम होने की उम्मीद रहती है, जिससे बाजार को समर्थन मिलता है।
FII और DII के आंकड़ों ने दिखाया बाजार में संतुलन का खेल
एनएसई के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 05 मई 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3,519.06 करोड़ रुपये की बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,756.56 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संतुलन देने की कोशिश की। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशक अभी सतर्क हैं, लेकिन घरेलू निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।





