पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव दर्ज किया है। 15 साल से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा ने 294 में से 206 सीटें जीतकर पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का रास्ता साफ किया। इस जीत के पीछे सिर्फ माहौल नहीं, बल्कि कुछ खास नेताओं की रणनीति, मेहनत और जमीनी पकड़ सबसे बड़ा फैक्टर साबित हुई। आइए जानते हैं उन 5 प्रमुख चेहरों के बारे में, जिन्होंने बंगाल की सियासत का रुख बदल दिया।
चाणक्य की तरह रणनीति बुनकर जीत दिलाने वाले Amit Shah बने मिशन बंगाल के मास्टरमाइंड
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस जीत के सबसे बड़े रणनीतिकार माने जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव से पहले ‘मिशन बंगाल’ को प्राथमिकता देते हुए राज्य में लंबा समय बिताया। लगातार रैलियों, रोड शो और संगठन को माइक्रो लेवल तक मजबूत करने की रणनीति ने भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। उनकी योजना ने टीएमसी के मजबूत बूथ नेटवर्क और कथित सिंडिकेट सिस्टम को सीधी चुनौती दी।
जायंट किलर बनकर उभरे Suvendu Adhikari, ममता बनर्जी को हराकर बढ़ाया कद
शुभेंदु अधिकारी इस चुनाव के सबसे चर्चित चेहरे रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को उनके मजबूत गढ़ भवानीपुर में 15,105 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर किया। 2021 के बाद लगातार दूसरी बार दीदी को मात देकर उन्होंने खुद को ‘जायंट किलर’ के रूप में स्थापित कर लिया है और अब उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
संगठन की नींव मजबूत करने वाले Sunil Bansal ने तैयार की जीत की जमीन
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में सुनील बंसल की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने 2023 से ही बंगाल में जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया था। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार कर उन्होंने भाजपा को हर क्षेत्र में सक्रिय बनाया, जिससे टीएमसी के स्थानीय दबदबे को तोड़ने में मदद मिली।
केंद्रीय नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच पुल बने Samik Bhattacharya
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने संगठन को चुनावी मोड में बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने खुद दमदम उत्तर सीट से जीत दर्ज की और कार्यकर्ताओं को लगातार सक्रिय रखा। केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू करने में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
जनभावना की आवाज बनीं Ratna Debnath, महिला सुरक्षा मुद्दे को बनाया चुनावी केंद्र
इस चुनाव में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा बनकर उभरा और रत्न देबनाथ इसका प्रमुख चेहरा रहीं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड से जुड़ी पीड़िता की मां के तौर पर उन्होंने न्याय की आवाज उठाई और भाजपा के टिकट पर पानीहाटी सीट से जीत हासिल की। उनकी मौजूदगी ने महिला मतदाताओं के बीच बड़ा संदेश दिया।
अन्य नेताओं का भी रहा अहम योगदान, टीम वर्क से मिली ऐतिहासिक जीत
इनके अलावा Dilip Ghosh, Agnimitra Paul और Amit Malviya जैसे नेताओं ने भी अपने-अपने स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सोशल मीडिया रणनीति से लेकर जमीनी अभियान तक, भाजपा ने हर मोर्चे पर मजबूती दिखाई।





