पश्चिम बंगाल की सियासत में इस बार चुनावी मुद्दों के साथ एक गाना भी चर्चा के केंद्र में रहा—और कहा जा रहा है कि उसने नतीजों की दिशा तक प्रभावित कर दी। भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक बढ़त के पीछे जहां संगठन, रणनीति और नेतृत्व को अहम माना जा रहा है, वहीं सायोनी घोष का चर्चित गाना “हृदय मा छे काबा, नयन मदीना” भी सियासी बहस का हिस्सा बन गया है।
गाने की गूंज से बदला बंगाल का सियासी खेल
काबा-मदीना गीत बना चुनावी मुद्दा
ध्रुवीकरण ने बदला वोटों का रुख
तुष्टीकरण बनाम पहचान की राजनीति
गाने पर सियासी संग्राम तेज
बीजेपी ने नैरेटिव को भुनाया
चुनाव में भावनाओं की एंट्री
उमा भारती का बयान भी आया सामने
इसी बीच Uma Bharti ने कहा कि “बंगाल की जीत के लिए मोदी जी, अमित शाह जी, नितिन नवीन जी और असंख्य कार्यकर्ताओं को बधाई। जीत तय थी, लेकिन ममता बनर्जी की ही पार्टी की एक सांसद का यह गाना उन्हें भारी पड़ गया।”
सियासत में गीत बना गेमचेंजर
तृणमूल कांग्रेस की युवा सांसद सायोनी घोष ने चुनावी मंचों से इस गाने के जरिए मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश की। यह गाना तेजी से वायरल हुआ और चुनावी रैलियों से लेकर टीवी डिबेट तक छाया रहा। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर उलटा पड़ा। जहां एक ओर मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश हुई, वहीं दूसरी ओर हिंदू वोटों का एक बड़ा वर्ग भारतीय जनता पार्टी की ओर शिफ्ट होता दिखा।
बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और इसे “तुष्टीकरण” की राजनीति से जोड़ते हुए आक्रामक प्रचार किया। पार्टी नेताओं ने इसे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर पेश किया और “काली की धरती” बनाम“काबा” जैसे नैरेटिव को मजबूत किया। इसी रणनीति ने चुनावी माहौल को और अधिक ध्रुवीकृत कर दिया। इस बीच बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी खुलकर कहा कि यह गाना टीएमसी को भारी पड़ गया। वहीं नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं ने भी चुनावी सभाओं में बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को बड़ा मुद्दा बनाया। नतीजा यह हुआ कि सियासत का केंद्र विकास से हटकर पहचान और भावनाओं की ओर शिफ्ट हो गया। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस चुनाव ने यह साफ कर दिया है कि अब सिर्फ नीतियां नहीं, बल्कि नैरेटिव और प्रतीक भी चुनावी जीत-हार तय करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा 1. बंगाल की जीत के लिए मोदी जी, अमित शाह जी, नितिन नवीन जी और बंगाल के असंख्य कार्यकर्ताओं को बधाई एवं अभिनंदन।
2. अबकी बार जीत तो हमारी होनी ही थी लेकिन ममता बनर्जी की ही पार्टी की एक सांसद का यह गाना ममता जी को ले डूबा। इस पैरा को भी खबर में जोड़ो





