आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने 7 बागी राज्यसभा सांसदों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को शिकायत भेजकर इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की है। ये सभी सांसद हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने बताया कि पार्टी ने इस मामले में संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ली है। इनमें वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल कानून) के तहत इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जा सकता है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि एजेंसियों के दबाव में इन सांसदों को पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया गया, जो लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि एक पार्टी के टिकट पर जीतकर दूसरी पार्टी में जाना जनता के भरोसे के साथ धोखा है। अब इस पूरे मामले पर फैसला राज्यसभा के सभापति को लेना है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




