नई दिल्ली। ऋषभ पंत का एक्सीडेंट के बाद कार से निकलने का वीडियो अब वायरल हो चुका है। अधिकांश ने देखा ही होगा। जलती कार से शीशा तोड़कर एक आदमी बाहर निकलता है और बोलता है, ‘मैं ऋषभ पंत हूं’। अग्निपथ फिल्म के अमिताभ की याद आ जाती है, जैसे। मैं विजय चौहान, पूरा नाम विजय दीनानाथ चौहान। ऋषभ खून से लथपथ थे, लेकिन उनके चेहरे पर शिकन नहीं थी।
- टीम इंडिया के बैटर और विकेटकीपर हैं ऋषभ पंत
- 30 दिसंबर की अहले सुबह हो गई थी दुर्घटना
- मां को सरप्राइज देना चाहते थे
ऋषभ मतलब मुश्किलों से जूझना
भारतीय क्रिकेट में अनेक दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं, लेकिन ऋषभ पंत सा जांबाज मुश्किल से मिलेगा। क्रिकेट के इस दीवाने ने हर मुश्किल घड़ी में वह किया है, जो उसे नहीं करने की सलाह दी गई। जब वह बल्लेबाजी करने जाते हैं तो सारा ज्ञान ड्रेसिंग रूम में ही छोड़ जाते हैं। बड़े-बड़े कोच और कप्तान इस खिलाड़ी का खेल नहीं बदल पाए।
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर उनकी कार डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें ऋषभ पंत को सिर, पीठ, कलाई और पैर में चोटें आईं.।दो लड़के ऋषभ पंत को बचाने सबसे पहले आए थे। इन्हीं दोनों ने क्रिकेटर का सारा सामान और कैश जलती कार से निकाला था। फिर, पुलिस को बुलाया था। रजत और निशु नाम के लड़कों का वीडियो भी वायरल है। इनसे बातचीत एक वेबसाइट ने की थी। आप नीचे वीडियो देख सकते हैंः
ये क्रिकेटर भी हो चुके हैं घायल
ऋषभ दुर्घटनाग्रस्त होनेवाले अकेले खिलाड़ी नहीं हैं। पुराने जमाने के मशहूर खिलाड़ी नवाब पटौदी तो अपनी एक आंख ही गंवा चुके थे। उनके साथ यह हादसा तब हुआ, जब वह केवल 20 साल के थे। अपने पिता की तरह ऑक्सफोर्ड की तरफ से खेल चुके थे और अपने एक साथी खिलाड़ी के साथ कहीं जा रहे थे। कार का एक्सिडेंट हुआ और उड़ते हुए कांच ने उनकी आंख ले ली।
इसी तरह वेस्टइंडीज के मशहूर खिलाड़ी सर गैरी सोबर्स भी एक दुर्घटना में खुद भीषण रूप से घायल हुए थे और उनके एक साथी को अपनी जान गंवानी पड़ गई थी। वह भी कार से ही कहीं जा रहे थे।
देेखें वीडियो किसने की ऋषभ पंत की मदद





