जंग खत्म होने के बाद भी 6 महीने तक बंद रह सकता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज…
दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की सबसे अहम नस माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक चौंकाने वाली खुफिया रिपोर्ट सामने आई है। दावा है कि अगर ईरान के साथ युद्ध खत्म भी हो जाए, तब भी इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में महीनों लग सकते हैं। यानी जंग खत्म होने के बाद भी वैश्विक संकट खत्म नहीं होगा।
होर्मुज पर खतरे की परछाई
तेल की नस पर टंगा संकट
सुरंगों में फंसी वैश्विक सप्लाई
6 महीने का डर क्यों
ईरान की रणनीति, दुनिया परेशान
पेंटागन vs खुफिया रिपोर्ट
तेल कीमतों पर मंडराता खतरा
क्या थमेगा वैश्विक व्यापार पहिया
होर्मुज बंद, दुनिया बेहाल
अमेरिकी खुफिया एजेंसी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) के आकलन के मुताबिक, युद्ध की स्थिति में ईरान इस जलडमरूमध्य में भारी मात्रा में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा सकता है। ये सुरंगें भले ही लगाने में आसान और सस्ती हों, लेकिन इन्हें ढूंढना और निष्क्रिय करना बेहद जटिल और जोखिम भरा काम है। इस संवेदनशील जानकारी को हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने पेश किया गया, जिससे अमेरिकी सांसदों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन सुरंगों को हटाने और जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता बहाल करने में एक से छह महीने तक का समय लग सकता है। मामले ने तब और तूल पकड़ा जब सीएनएन और द वॉशिंगटन पोस्ट ने इस खुफिया रिपोर्ट का खुलासा किया। इसके बाद पेंटागन ने सफाई देते हुए कहा कि यह “वर्स्ट-केस सिनेरियो” है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। अगर यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है, तो तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और इसका असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने भी माना है कि इतनी लंबी अवधि तक इस मार्ग का बंद रहना “वैश्विक आपदा” जैसा साबित हो सकता है।
पेंटागन vs एक्सपर्ट्स
पेंटागन का दावा है कि अमेरिकी सेना के पास ऐसी तकनीक और क्षमता है जिससे इस तरह की बाधाओं को जल्दी हटाया जा सकता है। लेकिन रक्षा विशेषज्ञ इससे पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि समुद्री सुरंगों को हटाना बेहद धीमी और सावधानी भरी प्रक्रिया है—जहां छोटी सी चूक भी बड़े जहाजों और जान-माल के लिए खतरा बन सकती है। यही वजह है कि “6 महीने” का आंकड़ा भले ही सबसे खराब स्थिति को दर्शाता हो, लेकिन इसे पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।





