कर्नाटक CET परीक्षा के दौरान बीदर और शिवमोगा जिलों से सामने आई एक घटना ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को एग्जाम हॉल में प्रवेश से पहले ‘जनेऊ’ हटाने के लिए कहा गया। इस पूरे मामले पर राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बीदर में जनेऊ हटाने के विवाद के चलते छात्र को गणित का पेपर छोड़ना पड़ा और वापस लौटना पड़ा घर
बीदर जिले के एक परीक्षा केंद्र पर गुरुवार सुबह एक छात्र को कथित तौर पर जनेऊ हटाने के लिए कहा गया, जिसके चलते वह गणित की परीक्षा दिए बिना ही वापस घर लौट गया। छात्र ने बताया कि उसने अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया कि जनेऊ पहनने से किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकती, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई। करीब 45 मिनट तक समझाने के बावजूद उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद वह परीक्षा दिए बिना लौट गया।
उसी छात्र को बाद में जीव विज्ञान परीक्षा में जनेऊ के साथ मिली अनुमति, नियमों पर उठे सवाल
दिलचस्प बात यह रही कि उसी दिन दोपहर में छात्र को जीव विज्ञान की परीक्षा जनेऊ पहनकर देने की अनुमति मिल गई। इससे पहले भी उसने भौतिकी और रसायन विज्ञान की परीक्षा बिना किसी समस्या के जनेऊ के साथ ही दी थी। इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा केंद्रों पर नियमों की एकरूपता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अलग-अलग पेपर में अलग व्यवहार देखने को मिला।
शिवमोगा में भी सामने आया ऐसा ही मामला, कुछ छात्रों ने जनेऊ उतारा तो कुछ को मिली छूट
शिवमोगा जिले के एक अन्य परीक्षा केंद्र पर भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। आरोप है कि सुरक्षा जांच के दौरान तीन छात्रों से जनेऊ हटाने के लिए कहा गया। इनमें से एक छात्र ने मना कर दिया, जिसके बाद उसे बिना हटाए परीक्षा में बैठने दिया गया, जबकि दो अन्य छात्रों ने निर्देश मानते हुए जनेऊ उतार दिया। इस घटना ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
प्रशासन और सरकार हरकत में, नोटिस जारी, जांच शुरू, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
मामला सामने आते ही बीदर जिला प्रशासन ने संबंधित मुख्य परीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस ने भी तलाशी टीम से स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी ओर परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल कलाई में बंधे धागे हटाने के निर्देश दिए थे। इस बीच मंत्री एमसी सुधाकर ने कहा कि अगर आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं बीवाई विजयेंद्र ने घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।





