राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकार ने स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 2 मई तक शिक्षा निदेशालय दिल्ली को हीट वेव एक्शन प्लान के पालन की रिपोर्ट सौंपें। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों के लिए लागू किए गए कड़े नियम और नियमित मॉनिटरिंग का आदेश
दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि गर्मी के इस खतरनाक दौर में स्कूलों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। हर स्कूल को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जो यह सुनिश्चित करेगा कि सभी गाइडलाइंस का सही तरीके से पालन हो रहा है। इसके अलावा स्कूलों को बच्चों को खुले मैदान में न रखने और किसी भी तरह की आउटडोर गतिविधियों से बचने के लिए कहा गया है, ताकि लू और हीट स्ट्रोक का खतरा कम किया जा सके।
हर 45-60 मिनट में वाटर बेल और ठंडे पानी की व्यवस्था अनिवार्य, बच्चों की सेहत पर खास ध्यान
सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि हर 45 से 60 मिनट के अंतराल पर ‘वाटर बेल’ बजाई जाए, जिससे बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूल परिसर में साफ और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो। प्रशासन का मानना है कि इन छोटे-छोटे कदमों से बच्चों को डिहाइड्रेशन और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सकता है।
अभिभावकों की भूमिका भी अहम, हल्के कपड़े पहनाने और स्कूल अपडेट पर नजर रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों को हल्के और सूती कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अभिभावक बच्चों से बातचीत कर यह जानें कि स्कूल में दिए गए निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। अगर कहीं कमी दिखे तो तुरंत स्कूल प्रशासन या जिला अधिकारियों को सूचित करें।
व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए मौसम अपडेट और अन्य राज्यों में भी स्कूलों पर असर, स्थिति पर लगातार नजर
दिल्ली सरकार ने स्कूलों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों को व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ें, ताकि मौसम विभाग से जुड़ी अहम जानकारी समय-समय पर साझा की जा सके। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों को बंद करने या समय में बदलाव करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली में फिलहाल स्कूल खुले हैं, लेकिन सख्त नियमों के साथ सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।





