महिला आरक्षण पर सियासी रण: 27 अप्रैल को मप्र विधानसभा का विशेष सत्र
नारी शक्ति वंदन पर होगी विशेष चर्चा, महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास पर मंथन
महिला आरक्षण को लेकर देशभर में सियासत तेज है… इसी बीच मध्यप्रदेश में भी इस मुद्दे पर बड़ा कदम उठाया गया है। 27 अप्रैल को मप्र विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन’ और महिलाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा होगी।
मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए यह विशेष सत्र 27 अप्रैल, सोमवार को सुबह 11 बजे से बुलाया गया है। सत्र एक दिन का होगा, लेकिन इसमें महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
विधानसभा की कार्यवाही दो चरणों में चलेगी—पहला सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 3 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक आयोजित होगा। सभी विधायकों को इस विशेष सत्र के लिए सूचना भेज दी गई है।
महिला आरक्षण को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच भी सियासी घमासान जारी है। केंद्र सरकार जहां विपक्षी दलों—कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा—पर बिल को लेकर सहयोग न करने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष भी सरकार को घेरने में पीछे नहीं है।
इसी कड़ी में हाल ही में भोपाल में बीजेपी की ओर से ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में आक्रोश रैली और जनसभा का आयोजन किया गया। इस रैली में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और महिला आरक्षण के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र इस समय एक अहम दौर से गुजर रहा है और संसद में महिला आरक्षण को लेकर जो घटनाक्रम हुआ, वह चिंताजनक है। अब 27 अप्रैल को होने वाले इस विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ के जरिए महिलाओं के अधिकार, भागीदारी और सशक्तिकरण पर व्यापक चर्चा देखने को मिलेगी।
ऐसे में सवाल ये है कि क्या यह विशेष सत्र महिला आरक्षण के मुद्दे पर कोई नई दिशा तय करेगा… फिलहाल सबकी नजरें 27 अप्रैल पर टिकी हैं।





