समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘मित्र’ वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। रेवाड़ी में एक शादी समारोह के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने संसद में ही हाथ जोड़कर कह दिया था कि हमें ऐसे मित्र की जरूरत नहीं है।” इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान हल्का-फुल्का माहौल बना था। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पीएम मोदी खुद पिछड़ी जाति से हैं, लेकिन पिछड़ों का ध्यान नहीं रखते। इस पर पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि वे अति पिछड़े समाज से आते हैं और अखिलेश यादव उनके मित्र हैं, जो कभी-कभी मदद कर देते हैं। इस दौरान सदन में ठहाके लगे, खुद अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव भी मुस्कुराते नजर आए। हालांकि, रेवाड़ी में अखिलेश यादव का बयान इस ‘मित्रता’ पर सियासी चुटकी के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि राजनीतिक रिश्तों को इस तरह पेश करना उन्हें मंजूर नहीं। महिला आरक्षण बिल को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।




